देश की ताकत बढ़ाने आज वायुसेना में शामिल हो रहा है बेजोड़ राफेल, क्या है इसकी खासियत?
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देश की ताकत बढ़ाने आज वायुसेना में शामिल हो रहा है बेजोड़ राफेल, क्या है इसकी खासियत?

भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल जेट आज यानि गुरुवार को औपचारिक तौर पर शामिल हो जाएगा. ऐसे में राफेल लड़ाकू विमानों की खासियत क्या हैं और क्यों दुश्मन इससे घबराया हुआ है, आइए देखते हैं...

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भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल जेट आज यानि गुरुवार को औपचारिक तौर पर शामिल हो जाएगा. इसके मद्देनजर अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में एक कार्यक्रम रखा गया है, जो सुबह करीब 10:30 बजे शुरू होगा.

इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे और उनके साथ फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली भी आएंगे. कार्यक्रम में राजनाथ और पार्ली के शामिल होने के कारण अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के साथ-साथ आसपास के एरिया की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.

लंबी राजनीतिक बहस और प्रक्रिया पूरे होने के बाद राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुंचे हैं, जो अत्याधुनिक तकनीक के साथ वायुसेना में शामिल हुए हैं. ऐसे में राफेल लड़ाकू विमानों की खासियत क्या हैं और क्यों दुश्मन इससे घबराया हुआ है, आइए देखते हैं...

1. राफेल लड़ाकू विमान का कॉम्बैट रेडियस 3700 किलोमीटर है, साथ ही ये दो इंजन वाला विमान है जिसको भारतीय वायुसेना को दरकार थी.
2. राफेल में तीन तरह की मिसाइल लगाई जा सकती हैं. हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल, हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प मिसाइल और हैमर मिसाइल.
3. राफेल लड़ाकू विमान स्टार्ट होते ही ऊंचाई तक पहुंचने में अन्य विमानों से काफी आगे है. राफेल का रेट ऑफ क्लाइंब 300 मीटर प्रति सेकंड है, जो चीन-पाकिस्तान के विमानों को भी मात देता है. यानी राफेल एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई पर जा सकता है.

4. लद्दाख सीमा के हिसाब से देखें तो राफेल लड़ाकू विमान फिट बैठता है. राफेल ओमनी रोल लड़ाकू विमान है. यह पहाड़ों पर कम जगह में उतर सकता है. इसे समुद्र में चलते हुए युद्धपोत पर उतार सकते हैं.
5. एक बार फ्यूल भरने पर यह लगातार 10 घंटे की उड़ान भर सकता है. ये हवा में ही फ्यूल को भर सकता है, जैसा इसने फ्रांस से भारत आते हुए किया भी था.

6. राफेल पर लगी गन एक मिनट में 2500 फायर करने में सक्षम है. राफेल में जितना तगड़ा रडार सिस्टम है, ये 100 किलोमीटर के दायरे में एकबार में एकसाथ 40 टारगेट की पहचान कर सकता है.

7. भारत को मिले राफेल लड़ाकू विमान करीब 24,500 किलोग्राम तक का भार उठाकर ले जाने के लिए सक्षम हैं, साथ ही 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की भी गारंटी है.
8. राफेल में अभी जो मिसाइलें लगी हैं, वो सीरिया, लीबिया जैसी जगहों में इस्तेमाल हो चुकी हैं. इसके अलावा जल्द ही SPICE 2000 को भी इसमें जोड़ा जाएगा.
9. भारतीय वायुसेना को अभी तक पांच राफेल लड़ाकू विमान मिले हैं, जबकि 2022 तक इनकी संख्या कुल 36 हो जाएगी. जिसे अलग-अलग एयरबेस पर तैनात किया जाएगा.
10. राफेल लड़ाकू विमान अभी अंबाला एयरबेस पर तैनात हैं, जो चीन और पाकिस्तान सीमा के पास है. ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों में ये बिल्कुल भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

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