पीएम मोदी के बयान से शीर्ष अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता राजनयिक 'प्रोत्साहित'
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पीएम मोदी के बयान से शीर्ष अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता राजनयिक 'प्रोत्साहित'

सैमुअल ब्राउनबैक ने कहा 'वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों द्वारा वास्तव में एकजुटता के आग्रह वाले बयानों और प्रधानमंत्री द्वारा यह कहना कि कोविड-19 धर्म, भाषा या सीमाएं नहीं देखता है, जो कि वास्तव में सच है, इससे हम प्रोत्साहित हैं।'

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भारत की लगातार आलोचना करते रहे धार्मिक स्वतंत्रता मामलों के एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन बयानों से 'प्रोत्साहित' हैं, जिनमें कोविड-19 महामारी का सामना करने के लिए लोगों से एकजुट होने का आग्रह किया गया था।

अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामलों के राजदूत सैमुअल ब्राउनबैक ने गुरुवार को कहा 'वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों द्वारा वास्तव में एकजुटता के आग्रह वाले बयानों और प्रधानमंत्री द्वारा यह कहना कि कोविड-19 धर्म, भाषा या सीमाएं नहीं देखता है, जो कि वास्तव में सच है, इससे हम प्रोत्साहित हैं।'

लेकिन, ब्राउनबैक ने एक न्यूज ब्रीफिंग के दौरान यह भी कहा 'भारत में हमने कोविड-19 से संबंधित दुर्भाग्यपूर्ण बयानबाजी और उत्पीड़न की रिपोर्टें देखी हैं, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के खिलाफ। यह फर्जी खबरों, सोशल मीडिया के माध्यम से गलत जानकारी साझा कर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता रहा है। कोरोनोवायरस फैलाने की बात कह कर मुसलमानों पर हमले किए जाने के भी उदाहरण हैं।'

हालांकि, कोविड-19 को फैलाने में तबलीगी जमात की भूमिका के बारे में उन्होंने चुप्पी साधे रखी।

पीएम मोदी ने 19 अप्रैल को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था 'कोविड-19 हमला करने से पहले नस्ल, धर्म, रंग, जाति, पंथ, भाषा या सीमाओं को नहीं देखता। इसके बाद हमारी प्रतिक्रिया और आचरण में एकता और भाईचारे को प्रधानता मिलनी चाहिए। इस बीमारी के खिलाफ हम एकजुट हैं।'

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