1,200 से अधिक शहरों में Amazon के खिलाफ देशभर के व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन

देश के ई-कॉमर्स कारोबार में हाल के दिनों में हुई कुछ डरावनी घटनाओं को देखते हुए अमेरिका की दिग्गज कंपनी अमेजन ने अपने पोर्टल के जरिए अवैध रूप से गांजा बेचने और बम बनाने में काम आने वाले प्रतिबंधित रसायनों की सुविधा मुहैया कराई है।
1,200 से अधिक शहरों में Amazon के खिलाफ देशभर के व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन

देश के ई-कॉमर्स कारोबार में हाल के दिनों में हुई कुछ डरावनी घटनाओं को देखते हुए अमेरिका की दिग्गज कंपनी अमेजन ने अपने पोर्टल के जरिए अवैध रूप से गांजा बेचने और बम बनाने में काम आने वाले प्रतिबंधित रसायनों की सुविधा मुहैया कराई है।

अब अमेजन के ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिए जहर बेचने की घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है।

अमेजन की इस तरह की गतिविधियों का कड़ा विरोध करते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने बुधवार को देश के विभिन्न राज्यों के 500 से अधिक जिलों के 1,200 से अधिक शहरों में विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने धरना और प्रदर्शन कर व्यापारी समुदाय के गुस्से और आक्रोश का प्रदर्शन किया और अमेजन को चेतावनी दी कि या तो वह कानून और नियमों के अनुसार अपना व्यवसाय मॉडल बनाए, अन्यथा भारत से अपना बोरी-बिस्तर बांधने की तैयारी करे।

उन्होंने कहा कि अब ई-कॉमर्स व्यवसाय में कानूनों और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएआईटी ने कहा, अगर इस मामले में तुरंत कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो देश के व्यापारी भारत व्यापार बंद का आयोजन करेंगे। संगठन ने यह भी कहा कि गांजा की बिक्री के प्रति अमेजन का प्यार और स्नेह इस तथ्य से स्पष्ट है कि उसने अमेरिकी सरकार से गांजा की बिक्री को वैध करने के लिए कहा है।

कैट ने मांग की है कि अमेजन और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के बिजनेस मॉडल की समयबद्ध तरीके से जांच की जाए। जैसे ड्रग मामले में आर्यन खान की गिरफ्तारी हुई, उसी तरह अमेजन के अधिकारियों को भी उसी तरह गिरफ्तार किया जाना चाहिए और पुलवामा हमले में रसायनों की बिक्री को सुविधाजनक बनाने के लिए अमेजन के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

कैट ने यह भी कहा है कि चूंकि यह मामला अंतर्राज्यीय रूप ले चुका है, इसलिए केंद्र सरकार को समयबद्ध अवधि में मामले की जांच के लिए अपनी एजेंसियों को प्रतिनियुक्त करना चाहिए और दोषी व्यक्तियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए और तब तक के लिए एमेजन पोर्टल को सस्पेंड रखा जाए।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया व महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि मंगलवार को जानकारी मिली कि मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक व्यक्ति ने एमेजन के खिलाफ कलेक्टर के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके बेटे ने तीन महीने पहले अमेजन के जरिए जहर मंगवाया था, जो उसे उपलब्ध हो गया और उसने खाकर आत्महत्या कर ली।

कैट ने कहा, इससे पहले, मप्र पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों के माध्यम से 21 किलो और 17 किलो गांजा जब्त किया, जबकि एमपी पुलिस की सूचना पर विशाखापत्तनम पुलिस ने अमेजन पोर्टल के माध्यम से बिक्री की सुविधा से 48 किलो गांजा भी जब्त किया है। बहुत आश्चर्य की बात है कि 2019 में अमेजन के पोर्टल के माध्यम से पुलवामा आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए बमों के रसायन की बिक्री हुई। प्रतिबंधित रसायनों की बिक्री अमेजन के ई-कॉमर्स पोर्टल के माध्यम से की गई थी, लेकिन अभी तक अमेजन के अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन अब तक सब सो रहे हैं, जो सरकारों और प्रशासनिक व्यवस्था के कामकाज पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। ऐसा लगता है कि ताकतवर और बड़ी कंपनियों के लिए नियम अलग हैं और आम लोगों के लिए कानून अलग है। इन कंपनियों को राजनीतिक बिरादरी से किसी तरह का संरक्षण प्राप्त है।

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