केंद्रीय मंत्री तोमर ने सदन को बताया, संपत्ति कार्ड मिलने से विवादों में आएगी कमी

केंद्रीय मंत्री तोमर ने सदन को बताया, संपत्ति कार्ड मिलने से विवादों में आएगी कमी

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को सदन को बताया कि संपत्ति कार्ड प्राप्त होने से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी। उन्होंने यह बात मोदी सरकार की अहम योजना 'स्वामित्व' के संबंध में पूछे गए एक सवाल पर कही है।

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को सदन को बताया कि संपत्ति कार्ड प्राप्त होने से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी। उन्होंने यह बात मोदी सरकार की अहम योजना 'स्वामित्व' के संबंध में पूछे गए एक सवाल पर कही है।

लोकसभा सदस्य गणेश सिंह द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन को बताया कि स्वामित्व योजना का मकसद गावों में गृह मालिकों को कानूनी स्वामित्व कार्ड जारी कर उन्हें मालिकाना हक दिलाना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "यह स्कीम पंचायती राज मंत्रालय, राज्यों के राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोगात्मक प्रयासों से ड्रोन का उपयोग करके भूखंडों के मानचित्रण द्वारा संपत्ति के स्पष्ट स्वामित्व का निर्धारण करती है।"

उन्होंने आगे कहा, "संपत्ति कार्ड प्राप्त होने से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी, बैंक से ऋण प्राप्त करना आसान होगा, संपत्ति को खरीदने या बेचने में आसानी होगी और गांव स्तर पर व्यापक योजना तैयार करना आसान हो जाएगा।"

नरेंद्र सिंह तोमर केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री भी हैं।

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित 'स्वामित्व' योजना के संबंध में केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा को बताया कि इससे ग्राम पंचायतों संपत्ति कर के निर्धारण में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत 2025 तक देश के सभी गांवों को शामिल किया जाएगा और इस योजना की अनुमानित लागत 566.23 करोड़ रुपये है।

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