आगरा बॉर्डर पर बसें
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बसों पर रार: बॉर्डर पर कांग्रेसी रोके गये, प्रियंका ने कहा बसों पर BJP के झंडे लगा लें, लेकिन मजदूरों को लाने दें

बसों को रोके जाने के विरोध में राजस्थान से लगने वाली आगरा की सीमा पर कांग्रेसियों ने धरना देना शुरू कर दिया तो यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू सहित ददर्जनों नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

Yoyocial News

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प्रवासी मजदूरों के लिए बसों की व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा में घमासान मचा हुआ है। दोनों दलों के बीच मंगलवार को दिनभर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार पर प्रवासी मजदूरों के मामले में घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि हमारी बसें आगरा के पास खड़ी हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें नोएडा और गाजियाबाद जाने नहीं दे रहा है। बसों को रोके जाने के विरोध में राजस्थान से लगने वाली आगरा की सीमा पर कांग्रेसियों ने धरना देना शुरू कर दिया तो यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजूय कुमार लल्लू सहित ददर्जनों नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इस बीच प्रियंका गाँधी ने योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी ओछी राजनीति में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का यह यह काम गरीब और बेसहारा मजदूर भाइयों के लिए है और योगी सरकार कोअगर कांग्रेस से दिक्कत है तो इन बसों बसों पर बेशक वे भाजपा के झंडे-बैनर लगवा दें लेकिन मजदूरों को लाने दें. उनके साथ अन्याय न करें.

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर सरकार को आड़े हाथों लिया है. कहा है कि जब हमारी 1049 बसों में से 879 को जांच में आपने खुद सही पाया है तो उन्हें रोकने का क्या औचित्य है.

उत्तर प्रदेश में बसों की एंट्री को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ता आगरा में राजस्थान की सीमा पर धरने पर बैठ गए. उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान पुलिस और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई. पुलिस ने हाइवे पर ट्रकों और अपने वाहनों को खड़ा कर रास्ता रोक दिया. कांग्रेस कार्यकर्ता यूपी सीमा में बसों की एंट्री की इजाजत मांग रहे थे. वहीं, पुलिस ने उनसे बसों के परमिट और कागजात मांगें. इस बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पार्टी के यूपी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
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अजय कुमार लल्लू का कहना है कि बसों के लिए ऊपर से आदेश जारी हो गया है तो बॉर्डर पर बसें क्यों रोकी जा रही हैं. बता दें कि लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए बस चलाने को लेकर कांग्रेस और योगी सरकार आमने-सामने है. इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार को पत्र लिखा था.

गृह सचिव को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि आगरा प्रशासन तीन घंटे से बसों को प्रवेश की अनुमित नहीं दे रहा है. उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य में बसों को प्रवेश की अनुमति दी जाए. इधर, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि यूपी सरकार हमारे ट्रांसपोर्टरों को धमका रही है. उन्होंने कहा कि योगी सरकार के आरटीओ हमारे ट्रांसपोर्टरों को धमकी दे रहे हैं, जिन्होंने बसें उपलब्ध कराई हैं.

दरअसल, उत्तर प्रदेश में कई दशक से हाशिए पर चल रही कांग्रेस में जान फूंकने के लिए पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की नई सक्रियता इस वक्त चर्च में है. लॉकडाउन में फंसे यूपी के मजदूरों की घर वापसी के लिए 1000 बसें चलाने की पेशकश कर प्रियंका गांधी ने सूबे के प्रमुख विपक्षी दल के प्रमुख नेताओं को भी पीछे छोड़ दिया है. इसे प्रियंका गांधी का एक और बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है. इस लेकर राजनितिक गलियारों में खासी चर्चा है. प्रवासी मजदूरों के लिए बस संचालन को लेकर चले गये इस दांव के बाद प्रियंका गांधी और योगी आदित्यनाथ के बीच सियासी संग्राम सा छिड़ गया है. सोमवार को शुरू हुआ लेटर वार कुछ कुछ घंटों पर नये रंग ले रहा है. बयानबाजी के दौर भी चल रहे हैं. फिलहाल ताजा समाचार मिलने तक राजस्थान से सटी आगरा की सीमा पर कांग्रेसियों का धरना शुरू हो गया है. उनका आरोप है कि उनकी बसों को तरह तरह के बहाने बनाकर नोएडा की ओर नहीं जाने दिया जा रहा है.

इस बीच लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए बस चलाने को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार को एक बार फिर पत्र लिखा है. गृह सचिव को मंगलवार दोपहर लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि आगरा प्रशासन तीन घंटे से बसों को प्रवेश की अनुमित नहीं दे रहा है. उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य में बसों को प्रवेश की अनुमति दी जाए.

इस बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया है कि यूपी सरकार हमारे ट्रांसपोर्टरों को धमका रही है. उन्होंने कहा कि योगी सरकार के आरटीओ हमारे ट्रांसपोर्टरों को धमकी दे रहे हैं, जिन्होंने बसें उपलब्ध कराई हैं. उनको बाद में नतीजे भुगतने की धमकी दी जा रही है.

इससे पहले प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को पत्र लिखकर कहा था कि ज्यादा बसें होने के चलते उनकी परमिट लेने में कुछ समय लग रहा है, लेकिन शाम पांच बजे तक सभी बसें यूपी बॉर्डर पर पहुंच जाएंगी.

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार ने दावा किया था प्रियंका के ऑफिस की तरफ से दी गई लिस्ट में कुछ नंबर मोटरसाइकिल, कार और तिपहिया वाहनों के हैं. यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी फर्जी नम्बर देने के आरोप लगाये थे.

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