डब्ल्यूएचओ प्रमुख और पूर्व यूके पीएम ने कोविड वैक्स पर छूट मांगी

डब्ल्यूएचओ प्रमुख और पूर्व यूके पीएम ने कोविड वैक्स पर छूट मांगी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेडोस एडनॉम घेबायियस और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कोविड टीकों के लिए बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकारों की अस्थायी माफी के लिए कहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेडोस एडनॉम घेबायियस और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कोविड टीकों के लिए बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकारों की अस्थायी माफी के लिए कहा है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सोमवार को डब्ल्यूएचओ की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रेडोस के हवाले से कहा, "अगर हम झुंड प्रतिरक्षा लाने के लिए अधिकांश वयस्कों का टीकाकरण करने जा रहे हैं तो हमें काफी ज्यादा वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी"

उन्होंने कहा, "यह कोई चैरिटी इसू नहीं है, उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगा और इसीलिए आईपी में छूट बहुत जरूरी है"

ब्राउन ने कहा कि कोविड टीकों के आईपी अधिकारों का अस्थायी निलंबन टीके निर्माण में (अफ्रीका में और दुनिया के अन्य हिस्सों में जहां विनिर्माण नहीं हो रहा है) में सहायक हो सकता है।

दक्षिण अफ्रीका और भारत सहित कई देशों ने वैश्विक स्तर पर उत्पादन की अनुमति देने के लिए टीकों के लिए आईपी अधिकारों को अस्थायी रूप से निलंबित करने का आग्रह किया है।

विश्व व्यापार संगठन पिछले सप्ताह आईपी छूट पर चर्चा कर रहा था, लेकिन जिनेवा में अभी तक कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकला है।

जैसा कि यूके ने 2021 में जी 7 राष्ट्रों के समूह की अध्यक्षता ली है और जून में जी 7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, ट्रेडोस और ब्राउन दोनों ने अस्थायी छूट को एक वास्तविकता बनाने का आग्रह किया।

ट्रेडोस ने कहा, "अगले महीने, जी 7 देशों के नेताओं की इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण बैठक हो सकती हैं। जी 7 में देश दुनिया के आर्थिक और राजनीतिक नेता शामिल है। साथ ही जी 7 में शामिल देश वैक्सीन उत्पादकों के घर भी हैं।"

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा "अगर हम इसे अब उपयोग नहीं कर सकते, तो हम इसका उपयोग कब कर सकते हैं?"

उन्होंने कहा, "आईपी की छूट का प्रावधान आपात स्थिति के लिए था, और यह अभूतपूर्व है।"

ब्राउन ने जोर देते हुए कहा कि अगर वे एक निर्णय ले सकते हैं कि वे सामूहिक रूप से एक अस्थायी छूट का समर्थन करेंगे, तो मुझे लगता है कि एक बहुत बड़ी उन्नति होगी।

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