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कोरोना वायरस के ओरिजिन की जड़ तलाशने चीन जाएगी WHO की टीम

वैज्ञानिकों का अनुमान रहा है कि ये वायरस चीन के वुहान बाजार के जरिए जानवरों से इंसानों में आया होगा. चीन के वुहान में ही दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस का सबसे पहला मामला सामने आया था. हालांकि, वायरस के निशान फ्रांस और इटली में भी पाए गए हैं.

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दुनिया भर में कोरोना वायरस से हुई मौतों का आंकड़ा 5 लाख पार पहुंच चुका है और संक्रमित होने वालों की संख्या 1 करोड़ से ऊपर हो गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस एडहोम घेब्रेयेसस ने प्रेस ब्रीफिंग की. इस दौरान उन्होंने कहा 'वायरस के स्रोत को जानना बेहद जरूरी है. ये विज्ञान है, ये लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है, अगर हमें वायरस के बारे में सब कुछ पता हो तो हम वायरस से बेहतर तरीके से लड़ पाएंगे. इसके लिए ये जानना भी जरूरी है कि वायरस कैसे आया.'

हालांकि, ट्रेडोस ने इस टीम के सदस्यों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी है. टेड्रोस ने कहा 'कई देशों ने अच्छी प्रगति की है लेकिन वैश्विक स्तर पर महामारी की रफ्तार बढ़ती जा रही है. इसीलिए हम इसका मिलकर सामना करेंगे.'

बता दें कोरोना वायरस के स्रोत का पता लगाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन अगले सप्ताह अपनी एक टीम चीन भेजेगा. अभी तक कोरोना वायरस के स्रोत को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये वायरस चीन के वुहान बाजार से आया है जहां कई प्रजातियों के जानवरों की बिक्री होती है. हालांकि, चीन इस दावे को खारिज करता रहा है.

वैज्ञानिकों का अनुमान रहा है कि ये वायरस चीन के वुहान बाजार के जरिए जानवरों से इंसानों में आया होगा. चीन के वुहान में ही दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस का सबसे पहला मामला सामने आया था. हालांकि, वायरस के निशान फ्रांस और इटली में भी पाए गए हैं. कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि स्पेन में मार्च महीने के सीवेज से इकठ्ठे किए गए सैंपल में भी कोविड-19 मौजूद पाया गया है.

ऐसा दूसरी बार है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन में मिशन भेजेगा. इससे पहले जनवरी महीने में भी चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक टीम भेजी थी. विश्व स्वास्थ्य संगठन की जांच से चीन पर दबाव बढ़ेगा. चीन पर ये भी आरोप लगता रहा है कि उसने दुनिया को कोरोना महामारी के बारे में देर से जानकारी दी.

कोरोना वायरस की उत्पत्ति और महामारी फैलने को लेकर चीन और अमेरिका एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं. कई वैज्ञानिक वायरस के जन्म को लेकर चीन की वुहान लैब पर भी संदेह जाहिर कर चुके हैं. जून महीने में विश्व स्वास्थ्य संगठन की सालाना बैठक में कई देशों ने कोरोना महामारी की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच के प्रस्ताव का समर्थन किया था.

हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख टेड्रोस कोरोना वायरस महामारी के राजनीतिकरण को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं. टेड्रोस ने कहा कि महामारी हमें मानवता के सबसे अच्छे और सबसे बुरे दोनों दौर में ले आई है.

उन्होंने इस संकट की घड़ी में एकजुटता का जिक्र किया लेकिन वायरस के राजनीतिकरण को लेकर भी आगाह किया. डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा 'अभी बुरा दौर आना बाकी है, मुझे माफ करिए... लेकिन इस तरह के माहौल में मुझे डर है कि अभी और बुरा दौर आएगा.'

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