Joe biden, vice president of the United States
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क्या अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का भारत पर भी होगा असर? जो बिडेन ने पॉलिसी पेपर में की मोदी सरकार की कड़ी आलोचना

साल के अंत में अमेरिका में होनेवाले चुनाव में जो बिडेन और डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे के विरोधी होंगे. जो बिडेन ने हाल ही में एक पॉलिसी पेपर जारी किया है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार के कश्मीर और CAA से संबंधित फैसलों की आलोचना की है.

Yoyocial News

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साल के आखिर में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होनेवाला है. चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन (joe biden) और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (donald trump) एक-दूसरे के विरोधी होंगे. इस बीच जो बिडेन ने हाल ही में एक पॉलिसी पेपर जारी किया है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार के कश्मीर और CAA से संबंधित फैसलों की आलोचना की है.

बिडेन ने कहा है कि भारत की परंपरा में सांप्रदायिकता का कोई स्थान नहीं रहा है. ऐसे में सरकार के यह फैसले विरोधाभासी दिखते हैं. उन्होंने कहा है कि वह जब सत्ता में आएंगे तो इन मामलों पर भारत के साथ कड़ा रवैया अपनाएंगे. बिडेन का यह रवैया ट्रम्प के लिए इस लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकता है कि एऩआरआई मतदाता उन्हें अपना समर्थन दे सकते हैं.

डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बिडेन के कैम्पेन की वेबसाइट पर जारी किए गए पॉलिसी पेपर में एजेंडा फॉर मुस्लिम अमेरिकन कम्युनिटी शीर्षक से दर्शाई गई नीतियां www.joebiden.com/muslimamerica/ के तहत चर्चा में हैं. उसी तरह इनमें चीन का उइगर, म्यानमार का रोहिंग्या और भारत में कश्मीरी मुस्लिम सबंधित प्रतिभाव को ऐसे दिखाया गया है.

  1. मुस्लिम बाहुल्य देशों में मुस्लिमों के साथ जो कुछ भी होता है, उसका अमेरिकन मुस्लिमों पर भी बहुत असर पड़ता है. मैं उनकी भावनाएं समझ सकता हूं.

  2. चीन में उइगर मुस्लिमों को कॉन्सन्ट्रेशन कैम्प में रखा जाता है, जो बहुत ही शर्मनाक है. मैं जब चुनाव जीतूंगा तो इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाऊंगा. दुनिया का विश्वास हासिल करूंगा.

  3. कश्मीर में स्थानीय लोगों के अधिकारों का पुन:स्थापन हो, इसके लिए भारत सरकार को हर संभव प्रयास करना चाहिए. विरोध की आवाज दबाना, इंटरनेट बंद करना अलोकतांत्रिक है.

  4. NRC और CAA मामले में भारत सरकार का रवैया निराशाजनक है. वहां की परंपरा सदियों से सांप्रदायिक से दूर रही हैं। ऐसे में यह नीतियां विरोधाभासी जान पड़ती हैं.

जो बिडेन की इस पॉलिसी पेपर के ऐलान के तुरंत बाद ही स्थानीय हिन्दुओं में गुस्सा देखने को मिला. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदुओं के बड़े समूह ने बिडेन की प्रचार टीम के साथ बैठक की. उन्होंने हिंदू अमेरिकन कम्युनिटी के लिए पॉलिसी पेपर की मांग की है. हालांकि, बिडेन की टीम की ओर से इस मामले में उनके समर्थन जैसी कोई बात नहीं कही गई है.

बराक ओबामा की सरकार के दौरान 8 साल तक उप-प्रमुख रहते जो बिडेन भारत के प्रति मित्रता भरे व्यवहार के लिए पहचाने गए हैं. सेनेटर के तौर पर अपनी लंबी यात्राओं में उन्होंने भारत से जुड़े मामलों को समर्थन ही दिया है. इतना ही नहीं उपराष्ट्रपति रहते हुए बिडेन ने दीपावली भी मनाई थी.

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