आलू के दाम में 115 प्रतिशत बढ़े, नवंबर में थोक महंगाई 9 महीने में सबसे ज़्यादा

आलू के दाम में 115 प्रतिशत बढ़े, नवंबर में थोक महंगाई 9 महीने में सबसे ज़्यादा

Whole Sale Price Index नवंबर में बढ़कर नौ महीने के उच्च स्तर 1.55 फीसदी हो गयी है। खाद्य वस्तुओं के दाम में थोड़ी कमी आयी है, लेकिन निर्मित वस्तुओं के दाम बढ़ने से महंगाई में बढ़ोत्तरी हुई है। फरवरी 2020 के बाद यह WPI महंगाई का सबसे ऊंचा स्तर है।

थोक महंगाई दर अक्टूबर में 1.48 फीसदी रही थी जो इसके पिछले 8 महीनों का सबसे उच्चतम स्तर था। अक्टूबर में भी महंगाई दर बढ़ने में सबसे बड़ी वजह मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में तेजी थी। सितंबर में थोक महंगाई दर (WPI) 1.32 फीसदी रही थी। पिछले साल अक्टूबर में महंगाई दर ज़ीरो थी।

Whole Sale Price Index नवंबर में बढ़कर नौ महीने के उच्च स्तर 1.55 फीसदी हो गयी है। खाद्य वस्तुओं के दाम में थोड़ी कमी आयी है, लेकिन निर्मित वस्तुओं के दाम बढ़ने से महंगाई में बढ़ोत्तरी हुई है। फरवरी 2020 के बाद यह WPI महंगाई का सबसे ऊंचा स्तर है।

नवंबर महीने में खाद्य महंगाई घटकर 3.94 फीसदी पर आ गयी, अक्टूबर में यह 6.37 फीसदी थी। हालांकि सब्जियों के दाम में 12.24 फीसदी का इजाफा हुआ। आलू के दाम में तो 115.12 फीसदी की जबरदस्त बढ़त हुई। गैर खाद्य वस्तुओं की महंगाई 8.43 फीसदी रही। दूसरी तरफ, ईंधन और पावर बास्केट की महंगाई में 9.87 फीसदी की गिरावट आयी है।

गौरतलब है कि इस महीने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में भारतीय रिजर्व बैंक ने यह आशंका जतायी थी कि आगे भी महंगाई ऊंचाई पर बनी रहेगी। रिजर्व बैंक ने कहा था कि दिसंबर में खत्म तिमाही में खुदरा महंगाई 6.8 फीसदी तक जा सकती है।

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