प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को योगी सरकार ने किया स्वीकार, 1000 बसों की मांगी डिटेल
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प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को योगी सरकार ने किया स्वीकार, 1000 बसों की मांगी डिटेल

अपर मुख्य सचिव गृह ने प्रियंका के निजी सचिव को पत्र लिखा है. उन्होंने लिखा है कि 16 मई को सीएम योगी को संबोधित प्रियंका गांधी के पत्र के संबंध में आपसे ये कहना है कि प्रवासी मजदूरों के संदर्भ में आपके प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है.

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कोरोना वायरस के संकट से निपटने को लेकर केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाते हुए 31 मई तक की कर दी है. इस बीच प्रवासी मजदूरों की आवाजाही को लेकर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हमलावर हो रहे हैं. इसी कड़ी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी मजदूरों की समस्या पर कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह ओछी राजनीति कर रही है.

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस से 1000 बसों की सूची मांगी गई है लेकिन अभी तक कोई सूची नहीं मिली. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता ओछी राजनीति व कलुषित राजनीति न करें.

बता दें अपर मुख्य सचिव गृह, गोपन अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गांधी के निजी सचिव को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि 16 मई को सीएम योगी को संबोधित प्रियंका गांधी के पत्र के संबंध में आपसे ये कहना है कि प्रवासी मजदूरों के संदर्भ में आपके प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है. अविलंब 1000 बसों की सूची चालक/परिचालक का नाम व अन्य विवरण सहित उपलब्ध कराने का कष्ट करें, जिससे इनका उपयोग श्रमिकों की सेवा में किया जा सके.

उधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि सरकार ने कांग्रेस को बस चलाने की अनुमति नहीं दी. सरकार ने कांग्रेस से बसों की लिस्ट मांगी है. कांग्रेस जल्द ही सरकार को बसों की सूची सौंपेगी. सरकार से अनुमति मिलते ही मजदूरों के लिए बस चलाएगी. 1000 बस श्रमिकों की मदद में लगेंगीं.

लल्लू ने कहा कि योगी सरकार पूरी तरह से फेल हुई है. भूखे-प्यासे मजदूर आज भी पैदल चलने को मजबूर हैं. पुलिस-प्रशासन घरों को जा रहे श्रमिकों का उत्पीड़न कर रहा है.

वहीं, प्रियंका गांधी ने सोमवार को फिर ट्वीट कर योगी सरकार को घेरा है. उन्होंने एक वीडियो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया है 'प्रवासी मजदूरों की भारी संख्या घर जाने के लिए गाजियाबाद के रामलीला मैदान में जुटी है. यूपी सरकार से कोई व्यवस्था ढंग से नहीं हो पाती. यदि एक महीने पहले इसी व्यवस्था को सुचारू रूप से किया जाता तो श्रमिकों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती. कल हमने 1000 बसों का सहयोग देने की बात की, बसों को उप्र बॉर्डर पर लाकर खड़ा किया तो यूपी सरकार को राजनीति सूझती रही और हमें परमिशन तक नहीं दी. विपदा के मारे लोगों को कोई सहूलियत देने के लिए सरकार न तो तैयार है और कोई मदद दे तो उससे इंकार है.'

यूपी कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा है कि पिछले तीन दिनों से, प्रियंका गांधीजी राज्य में बसों की अनुमति देने के लिए उप्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिख रही हैं, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई और 12 घंटे बाद बसों को वापस लौटना पड़ा.

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