दिल्ली नगर निगम में अब होंगी कुल 250 सीट, 42 अनुसूचित जाति समुदाय के लिए होंगी आरक्षित, केंद्र ने जारी की अधीसूचना

नोटिफिकेशन में कहा गया कि एमसीडी में अनुसूचित जाति के सदस्यों के लिए उनकी संख्या के अनुपात में आरक्षित सीटों की कुल संख्या भी 42 निर्धारित की गई है। दिल्ली में पहले के तीन नगर निगमों में कुल 272 वार्ड थे।
दिल्ली नगर निगम में अब होंगी कुल 250 सीट, 42 अनुसूचित जाति समुदाय के लिए होंगी आरक्षित, केंद्र ने जारी की अधीसूचना

केंद्र सरकार ने दिल्ली में एमसीडी चुनाव कराए जाने की तरफ एक कदम और बढ़ा दिया है। केंद्र ने दिल्ली नगर निगम (MCD) में सीटों की कुल संख्या 272 से घटाकर 250 निर्धारित कर दी है। शनिवार को जारी दिल्ली गजट नोटिफिकेशन में यह बात कही गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के नगर निगम वार्डों के परिसीमन के लिए जुलाई में तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया था।

नोटिफिकेशन में कहा गया कि एमसीडी में अनुसूचित जाति के सदस्यों के लिए उनकी संख्या के अनुपात में आरक्षित सीटों की कुल संख्या भी 42 निर्धारित की गई है। दिल्ली में पहले के तीन नगर निगमों में कुल 272 वार्ड थे। उत्तरी और दक्षिणी निगर निगम में 104-104 वार्ड थे और पूर्वी नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में 64 वार्ड थे।

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि दिल्ली नगर निगम (संशोधन) अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 की धारा 3 की उप-धारा (5) के अनुसरण में, केंद्र सरकार इसके द्वारा दिल्ली नगर निगम में पार्षदों की कुल सीटों की संख्या दो सौ पचास (250) के रूप में निर्धारित करती है।

इसके अलावा, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 3 की उप-धारा (6) (संशोधित) के अनुसार, केंद्र सरकार अनुसूचित जाति के सदस्यों के लिए आरक्षित दिल्ली नगर निगम में पार्षदों की कुल सीटों की संख्या भी बयालीस (42) के रूप में निर्धारित करती है। सीटों की कुल संख्या के अनुपात के आधार पर अनुसूचित जातियों की जनसंख्या दिल्ली की कुल जनसंख्या (2011 की जनगणना) से संबंधित है।

जुलाई में बना था तीन सदस्यीय आयोग

संसद ने तीनों नगर निगमों के एकीकरण के लिए 5 अप्रैल को दिल्ली नगर निगम (संशोधन) विधेयक 2022 पारित किया था, जिसके तहत वार्डों की कुल संख्या 250 निश्चित कर दी गई थी। इसके बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के नगर निगम वार्डों के परिसीमन के लिए जुलाई में तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया था।

वर्तमान में चल रही इस कवायद से दिल्ली में निकाय चुनावों का मार्ग प्रशस्त होगा, जो हाल ही में तीन निगमों के एकीकरण के बाद पहली बार होगा।

दिल्ली के चुनाव आयुक्त विजय देव की अध्यक्षता वाले इस परिसीमन आयोग में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव पंकज कुमार सिंह और एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त रणधीर सहाय शामिल हैं। नगर निगम ने जुलाई में कहा था कि आयोग अपने गठन के चार महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगा।

22 मई को अस्तित्व में आया था एकीकृत एमसीडी

बता दें कि, आईएएस अधिकारियों- अश्विनी कुमार और ज्ञानेश भारती ने क्रमश: एकीकृत दिल्ली नगर निगम के विशेष अधिकारी और आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था और इस तरह 22 मई को एकीकृत दिल्ली नगर निगम औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ गया था।

1958 में स्थापित पूर्ववर्ती एमसीडी को 2012 में मुख्यमंत्री के रूप में शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान तीन भागों में विभाजित किया गया था। इसे हाल ही में तीन नगर निगमों - उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगमों को मिलाकर फिर से एक कर दिया गया था।

जुलाई में विशेषज्ञों ने कहा था कि यहां निकाय चुनाव 2023 से पहले होने की संभावना नहीं है क्योंकि क्योंकि नगर निगम वार्डों का पुनर्निर्धारण एक व्यापक अभ्यास है।

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