महाराष्ट्र मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे दिखे एकनाथ शिंदे के बेटे! तिलमिला उठा उद्धव खेमा; पढ़ें पूरा मामला

दरअसल, श्रीकांत शिंदे के सीएम कुर्सी पर बैठने की तस्वीर राकांपा प्रवक्ता रविकांत वारपे ने वायरल की थी। इसमें सांसद शिंदे अपने पिता की कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे दिखे एकनाथ शिंदे के बेटे! तिलमिला उठा उद्धव खेमा; पढ़ें पूरा मामला

महाराष्ट्र की राजनीति की अलग शैली है। यहां सियासी घमासान, तानाकशी, छींटाकशी, तंज का अपना स्थान है। अब सीएम एकनाथ शिंदे के सांसद पुत्र श्रीकांत शिंदे के ‘सीएम की कुर्सी‘ पर विराजित होने की तस्वीर वायरल होते ही सियासी विवाद का नया दौर शुरू हो गया। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को ताना मारा कि ‘अब तो शिंदे के पुत्र भी सीएम की कुर्सी पर बैठ रहे हैं, हमारी उनसे पूरी सहानुभूति है।‘

दरअसल, श्रीकांत शिंदे के सीएम कुर्सी पर बैठने की तस्वीर राकांपा प्रवक्ता रविकांत वारपे ने वायरल की थी। इसमें सांसद शिंदे अपने पिता की कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। उनकी पृष्ठभूमि में शिवसेना संस्थापक बाला साहब ठाकरे की तस्वीर लगी है और उसके नीचे एक बोर्ड लगा है, जिस पर लिखा है ‘मुख्यमंत्री महाराष्ट्र सरकार‘। इसे लेकर वारपे ने श्रीकांत को महाराष्ट्र का ‘सुपर सीएम‘ बताते हुए पूछा है कि यह कैसा राजधर्म है?  वायरल तस्वीर में सीएम की कुर्सी पर श्रीकांत बैठे हैं और उनके सामने कुछ लोग खड़े होकर उनसे चर्चा करते नजर आ रहे हैं।

सोशल मीडिया में जब यह फोटो वायरल हुआ तो शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उसे रिट्वीट करते हुए कहा कि डिप्टी सीएम फडणवीस ने सीएम की कुर्सी का मजाक बना दिया। चतुर्वेदी ने कहा, ‘जब आदित्य ठाकरे मामले देख रहे थे, तो उन्हें समस्या हो रही थी,  जबकि वे महाराष्ट्र के मंत्री थे। लेकिन अब एकनाथ शिंदे के पुत्र न तो विधायक हैं और न ही मंत्री ..। फडणवीस के साथ मेरी सहानुभूति है, जिन्होंने सत्ता की भूख की खातिर अपने और अपने से जूनियर के लिए कुर्सी को मजाक बनाकर रख दिया।

सियासत गरमाई तो श्रीकांत शिंदे ने दी यह सफाई
सीएम की कुर्सी पर बैठने के फोटो को लेकर सियासत गरमाई तो सांसद श्रीकांत शिंदे ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह फोटो न तो सीएम की सरकारी कुर्सी का है और न ही उनके सरकारी निवास की कुर्सी का। वायरल तस्वीर उनके ठाणे में स्थित निजी निवास सह कार्यालय की है। वे सीएम की अधिकृत कुर्सी पर नहीं बैठे। उन्होंने कहा कि सीएम अपने इस निवास से वर्चुअल मीटिंग भी करते हैं, इसलिए सीएम पदनाम का बोर्ड कुर्सी के पीछे लगाया गया था। मेरे पिता 18 से 20 घंटे काम करते हैं, अन्य मुख्यमंत्रियों की तरह एक जगह बैठे नहीं रहते हैं। वे हमेशा दौरे करते रहते हैं। इस कार्यालय सह निवास का उपयोग मैं और मेरे पिता सीएम एकनाथ शिंदे दोनों करते हैं और लोगों की समस्याएं सुनकर उनका निदान करते हैं।

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