यूपी में सड़क हादसों में कमी लाने को जुटी प्रदेश सरकार, ये है प्लॉन

उत्तर प्रदेश के 1.31 लाख सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 1.91 करोड़ से अधिक छात्र अब मॉर्निग एसेंबली के दौरान सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में जानेंगे।
यूपी में सड़क हादसों में कमी लाने को जुटी प्रदेश सरकार, ये है प्लॉन

उत्तर प्रदेश के 1.31 लाख सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 1.91 करोड़ से अधिक छात्र अब मॉर्निग एसेंबली के दौरान सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में जानेंगे।

बेसिक शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के प्रिंसिपलों को इस संबंध में अभिभावकों को भी जागरूक करने के लिए मिटिग करने का निर्देश जारी किए हैं।

यह राज्य परिवहन विभाग की पहल पर किया जा रहा है।

बेसिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि बच्चों में जागरूकता फैलाने के लिए विभाग ने स्कूलों से संपर्क किया है।

कुमार ने कहा, छात्रों से कहा जाएगा कि वे सड़क पार करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें, माता-पिता को शिक्षित करें कि वे तेज गति से वाहन न चलाएं और वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें।

उन्होंने कहा, जेब्रा लाइन, क्रॉस रोड जैसे सिग्नल रेड होने पर, ओवर स्पीडिंग से बचने, रोड नॉर्म्स, ट्रैफिक साइन्स, हाईवे कोड, ट्रैफिक खतरों और संबंधित विषयों का पालन करने के लिए छात्रों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए एक स्कूल परिवहन सुरक्षा समिति का गठन किया जाएगा।

विभाग के अनुसार प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे जान-माल की अपूरणीय क्षति होती है।

इन बढ़ती दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

राज्य सरकार ने 2021 की तुलना में चालू वर्ष में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या को 7-10 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा है।

2030 तक सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

No stories found.
Best hindi news platform for youth. हिंदी ख़बरों की सबसे तेज़ वेब्साईट
www.yoyocial.news