डोमेस्टिक उड़ान का किराया 2000 से 18,600 के बीच होगा, एयरपोर्ट एंट्री से एग्जिट तक की जरूरी बातें यहां जानिए विस्तार से...
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डोमेस्टिक उड़ान का किराया 2000 से 18,600 के बीच होगा, एयरपोर्ट एंट्री से एग्जिट तक की जरूरी बातें यहां जानिए विस्तार से...

14 साल तक के बच्चों को छोड़ बाकी सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना जरूरी होगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी गाइडलाइन जारी की हैं।

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देशभर में 25 मई से कुछ डोमेस्टिक फ्लाइट शुरू हो जाएंगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने शुक्रवार को पैसेंजर और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी जारी कर दिया है।

डोमेस्टिक फ्लाइट्स के टिकटों लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को 7 स्लैब बनाए। इसके मुताबिक टिकटों का किराया 2000 से 18,600 के बीच होगा। 14 साल तक के बच्चों को छोड़ बाकी सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना जरूरी होगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी गाइडलाइन जारी की हैं। बता दें कि सोमवार से चरणबद्ध तरीके से डोमेस्टिक फ्लाइट का संचालन शुरू हो रहा है।

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि शुरुआत में एक तिहाई उड़ानें ही शुरू की जाएंगी। एक बार शुरुआत करने के बाद 4-5 दिन देखेंगे, हालात सही लगे तो 10-15 फीसदी और बढ़ा देंगे। हरदीप सिंह पुरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यात्रा से संबंधित SOP की जानकारी दी थी। इसके बाद डीजीसीए ने हवाई किराए की सात श्रेणी जारी की। 40 मिनट से कम समय में यात्रा पूरी होने वाली उड़ानों के लिए किराये की निचली सीमा 2000 रुपये और अधिकतम सीमा 6000 रुपये होगी।

इसके अलावा 40 से 60 मिनट की दूरी वाली फ्लाइट्स के लिए कम से कम 2500 रु. और अधिक से अधिक 7500 रु. खर्च करने होंगे। वहीं दिल्ली-मुंबई जैसी 90 और 120 मिनट की दूरी वाली यात्रा के लिए 3500 रु. से लेकर 10 हजार रु. में टिकट उपलब्ध होगी। अगर बात करें दिल्ली-बेंगलुरु जैसी 120 मिनट से 150 मिनट की दूरी वाली यात्रा की तो इसके लिए आपको कम से कम 4500 रु. और अधिक से अधिक 13 हजार रुपए खर्च करने होंगे।

नीचे देखें चार्ट...क्या करना है, क्या नहीं ...

यदि किसी को 150-180 मिनट की यात्रा वाले रूट जैसे दिल्ली-इंफाल रूट पर यात्रा करनी है तो उसे कम से कम 5500 रु. टिकट के लिए देने होंगे। वहीं इस रूट पर सबसे महंगी टिकट का दाम 15,700 निर्धारित किया गया है। दिल्ली से कोयंबटूर जैसे 180-210 मिनट के सफर के लिए यात्री किराया कम से कम 6500 और अधिक से अधिक 18,600 निर्धारित किया गया है।

हरदीप पुरी ने कहा कि क्वारंटाइन का पालन व्यवहारिक तरीके से किया जाएगा। जैसे कि यदि मैं केरल जाता हूं तो मुझे 14 दिन तक क्वारंटाइन में रहना होगा. और यदि मैं वापस आता हूं तो मुझे फिर से 14 दिन के क्वारंटाइन में भेजा जाएगा? यह व्यवहारिक नहीं है। जो बस और ट्रेन यात्रा के लिए क्वारंटाइन के स्टेंडर्ड हैं, वही सिविल एविएशन के लिए भी लागू होंगे। जो पॉजिटिव केस हैं या जिनमें सिम्टम्स हैं उन्हें फ्लाइट में बोर्ड नहीं करने दिया जाएगा।

दरअसल, सोमवार (25 मई) सुबह से हम जिस तरह हवाई यात्रा करते थे, वो पूरी तरह से बदल जाएगा। फ्लाइटें सभी रूट पर उड़ेंगी। पहले चरण में मेट्रो शहरों और नॉन-मेट्रो शहरों के बीच गर्मी के सीजन में पहले के मुकाबले सिर्फ 1/3 फ्लाइटों को उड़ने की अनुमति दी जाएगी। नॉन-मेट्रो शहरों के बीच फ्लाइटों की फ्रीक्वेंसी एयरलाइन्स तय करेंगी। नागरिक उड्डयन सेक्टर में क्वारंटाइन के वे सभी नियम लागू होंगे जो फिलहाल ट्रेन और विशेष बस सेवाओं में लागू हैं।

यहां देखें घर से रवाना होने से लेकर एयरपोर्ट पर एंट्री और बोर्डिंग तक की गाइडलाइंस...

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