पंजाब का तड़का, नॉर्वे में फड़का...

पंजाब का तड़का, नॉर्वे में फड़का...

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण के पूर्व कार्यकारी निदेशक एरिक सोलहेम ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, "40 साल पहले कपूरथला के गुरदयाल सिंह ने नॉर्वे में पहला भारतीय रेस्तरां खोला था। उन्होंने मुझे और अन्य नॉर्वेजियन को भारतीय भोजन से प्यार करना सिखाया।"

पंजाब में जन्मा एक व्यक्ति 40 साल से नार्वे में पारंपरिक भारतीय व्यंजन परोस कर लोगों का दिल जीत रहा है। संयुक्त राष्ट्र के एक पूर्व अधिकारी ने उनकी तारीफ की है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण के पूर्व कार्यकारी निदेशक एरिक सोलहेम ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, "40 साल पहले कपूरथला के गुरदयाल सिंह ने नॉर्वे में पहला भारतीय रेस्तरां खोला था। उन्होंने मुझे और अन्य नॉर्वेजियन को भारतीय भोजन से प्यार करना सिखाया।"

उन्होंने आगे कहा, "अब उनका परिवार दुनिया के कुछ बेहतरीन भारतीय रेस्तरां में से एक चलाता है। इनके अतुलनीय भोजन का आनंद लें।"

रेस्तरां के मालिक गुरदयाल सिंह 1982 में ओस्लो आए थे और महाराजा रेस्तरां की स्थापना करके यहां भारतीय व्यंजनों को लोकप्रिय किया।

उनके बेटे, बलजीत सिंह पड्डा ने 'लिसन टू बलजीत' नाम से एक संस्था बनाई है जो कई देशों में बच्चों को भोजन दान करती है।

गुरदयाल सिंह की सराहना करने वाले नार्वे के पूर्व राजनयिक, राजनेता और पर्यावरण मंत्री एरिक जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में महात्मा गांधी के जीवन और विचारों से प्रेरित हैं।

उन्होंने 2018 में संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण प्रमुख के रूप में भारत को एक बार उपयोग किए जा सकने वाले प्लास्टिक को 2022 तक चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए तैयार करने में अहम भूमिका थी।

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