बर्ड फ्लू का बढ़ता कहर, जानें क्या है लक्षण और इस से बचने के लिए क्या बरतें सावधानियां

बर्ड फ्लू का बढ़ता कहर, जानें क्या है लक्षण और इस से बचने के लिए क्या बरतें सावधानियां

बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) की वजह से होता है। ये वायरल इंफेक्शन संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले अन्य पक्षियों, जानवरों और इंसानों में फैलता है। यहाँ जानें कि बर्ड फ्लू क्या है, इसके लक्षण और बचाव के क्या उपाय हो सकते हैं।

Bird Flu symptoms prevention and Precautions:

कोरोना संक्रमण से जूझ रहे देश के लिए बर्ड फ्लू एक नया खौफ बनकर उभर रहा है। बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) की वजह से होता है। ये एक वायरल इंफेक्शन है जो संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले अन्य पक्षियों, जानवरों और इंसानों में फैलता है। देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत के बाद अब सरकारें अलर्ट हो चुकी हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर यह बर्ड फ्लू क्या है और इसके लक्षण और बचाव के क्या उपाय हो सकते हैं।

बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) की वजह से होता है। जो बेहद संक्रामक और कोरोना की तुलना में ज्यादा घातक बताया जाता है। इंफ्लूएंजा के 11 वायरस हैं जो इंसानों को संक्रमित कर सकते हैं। लेकिन इनमें से भी सिर्फ 5 ऐसे वायरस हैं जो इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। ये वायरस H5N1, H7N3, H7N7, H7N9 और H9N2 हैं। बर्ड फ्लू पक्षियों के जरिए इंसानों में फैलता है। इस वायरस में सबसे ज्यादा खतरनाक है H5N1 बर्ड फ्लू वायरस क्योंकि इसकी वजह से संक्रमित लोगों में से आधे से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है।

कैसे फैलता है बर्ड फ्लू-
बर्ड फ्लू नाम की बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से फैलती है। इसके अलावा संक्रमित जगहों को छूने, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले या संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों को बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ जाता है। यह वायरस संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और मनुष्यों में आसानी से फैल जाता है। यह वायरस इतना खतरनाक है कि इससे मौत तक हो सकती है।

बर्ड फ्लू के लक्षण-
बर्ड फ्लू होने पर कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द, उल्टी, निमोनिया गले में खराश, नाक बहना, बेचैनी, आंखों में इंफेक्शन जैसी समस्या हो सकती है।

बर्ड फ्लू से कैसे करें बचाव-
बर्ड फ्लू से बचने के लिए विशेषज्ञ कई सावधानियां रखने की सलाह देते हैं जैसे-
-हाथों को 15 सेकेंड तक धोएं।
-हाथ ना धो पाने की स्थिति में सैनिटाइज का इस्तेमाल करें।
-पोल्ट्री फार्म में काम करने के लिए डिस्पोजेबल ग्लव्स पहनें और इस्तेमाल के बाद इन्हें नष्ट कर दें।
-छींकने या खांसने से पहले मुंह को अच्छे से ढक लें।
-भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

कैसे फैलता है बर्ड फ्लू-
बर्ड फ्लू नाम की बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से फैलती है। इसके अलावा संक्रमित जगहों को छूने, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले या संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों को बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ जाता है। यह वायरस संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और मनुष्यों में आसानी से फैल जाता है। यह वायरस इतना खतरनाक है कि इससे मौत तक हो सकती है।

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