people in mask in delhi
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दिल्ली : मुस्तफाबाद के घरों में बनाए जा रहे मास्क

विश्व के कई देशों के साथ ही भारत में कोरोनावायरस से बचाव को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए दिल्ली के मुस्तफाबाद के अधिकतर घरों में मास्क बनाए जा रहे हैं।

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विश्व के कई देशों के साथ ही भारत में कोरोनावायरस से बचाव को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। मास्क के उपयोग को वायरस के संक्रमण से बचने के सबसे कारगर तरीकों में एक बताया गया है। इसलिए फिलहाल मास्क की भारी मांग भी है। बढ़ती मांग को देखते हुए दिल्ली के मुस्तफाबाद के अधिकतर घरों में मास्क बनाए जा रहे हैं। हाल के दिनों में भारत के अलावा पूरी दुनिया के लोगों में कोरोना वायरस का डर बना हुआ है। सरकार व स्थानीय प्रशासन लोगों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचने की सलाह दे रहा है।

लोग इस दौरान मास्क का उपयोग भी करने लगे हैं, जिससे इसकी मांग काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि कई बाजारों में तो मास्क मिल भी नहीं रहा है। देश के कई स्थानों से मास्क को कई गुणा कीमतों में बेचने की खबरें भी आ रही हैं।इस बीच राष्ट्रीय राजधानी के मुस्तफाबाद और खजूरी इलाके के काफी घरों में मास्क बनाने का काम जोरों पर चल रहा है। इस क्षेत्र में किसी के यहां एक मशीन से काम हो रहा है तो कोई कारीगर रखकर बड़े पैमाने पर मास्क बनवा रहा है।

symbolic image
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मुस्तफाबाद में कोरोना वायरस से बचाव के लिए सस्ते दामों में मिलने वाले मास्क बनाए जा रहे हैं, जिसे आम लोग कम कीमत पर खरीद सकते हैं। मुस्तफाबाद के रहने वाले सलीम ने आईएएनएस को बताया, "हमारी फैक्ट्री में मास्क की कटिंग होती है। हमारे यहां सर्जन मास्क की कटिंग होती है और उसके बाद हम उसे उत्तरप्रदेश भेज देते हैं, जहां उसे बनाया जाता है।

हमारे यहां जो मास्क बनाया जा रहा है, वह सारा माल दुबई जाएगा। करीब पांच करोड़ का ऑर्डर है, जिसे हम दुबई भेजेंगे"उन्होंने कहा, "इसकी कीमत दुबई में 14 रुपये होगी। हम दिल्ली हिंसा पीड़ितों से अपील कर रहे हैं कि अगर रोजगार चाहिए तो हमें बताएं। हम मशीन देंगे, जिससे कि वे मास्क बना सकें।"

मुस्तफाबाद निवासी शहनवाज ने बताया, "हमारे यहां बनने वाले एक मास्क की कीमत बाजार में 50 रुपये होगी, जो कि अन्य मास्क से सस्ता होगा। हम मास्क का कपड़ा लेकर आते हैं और अपनी फैक्ट्री में कटिंग, सिलाई भी कराते हैं।" उन्होंने बताया, "मैंने मास्क बनाने का काम स्वाइन फ्लू के वक्त शुरू किया था और अब जब बाजारों में जरूरत है तो शुरू किया है।"बड़ी बात यह है कि इन इलाकों से रोजाना लाखों मास्क बाजारों में जा रहे हैं, जिसके बाद भी दिल्ली में दुकानों पर मास्क नहीं मिल पा रहे हैं। अगर मास्क मिलते भी हैं तो इनकी दाम काफी होता है।

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