कोरोना से जंग में लोगों की मदद करेगी सिक्स सिग्मा
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कोरोना से जंग में लोगों की मदद करेगी सिक्स सिग्मा

दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर सिक्स सिग्मा का मेडिकल स्टाफ लोगों को जागरूक कर रहा है।

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कोरोना वायरस से जंग लड़ने के लिए पूरा देश एकजुट हो रहा है। इस लड़ाई में सिक्स सिग्मा नामक एक निजी हेल्थकेयर कंपनी भारत सरकार की मदद और कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए आगे आई है। दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर सिक्स सिग्मा का मेडिकल स्टाफ लोगों को जागरूक कर रहा है। इसके साथ-साथ पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट मुफ्त बांट रही है।

सिक्स सिग्मा के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने बुधवार को द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त एंटो अल्फोंस से इस विषय में मुलाकात की। मुलाकात के बारे में भारद्वाज ने बताया 'गत दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कोविड-19 से लड़ने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक से सहयोग देने की अपील की थी। लेकिन कुछ लोग इस वायरस जनित बीमारी को हल्के में लेने की भूल कर रहे हैं, जिसके दुष्परिणाम बहुत गंभीर होंगे। इसी कड़ी में सिक्स सिग्मा की मेडिकल टीम और द्वारका में रह रहे लोगों को कोविड-19 से बचाव और इस बीमारी से लड़ने के लिए एक अभियान चलाने का निर्णय किया है।'

उन्होंने कहा 'इसका आयोजन द्वारका क्षेत्र के प्रत्येक चौक-चौराहे पर किया जाएगा और मास्क भी बांटे जाएंगे। सिक्स सिग्मा पहली प्राइवेट कंपनी है, जिससे भारत सरकार ने कोविड-19 से लड़ने के लिए हाथ मिलाया है। सिक्स सिग्मा हाऊस में लोगों की थर्मल स्कैनिंग व क्वारंटाइन किया जाएगा तथा उन्हें बीमारी के इलाज के लिए काउंसिलिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी। यहां उपचार हेतु परामर्श भी दिया जाएगा।'

कोविड-19 के बारे में डॉ. भारद्वाज ने कहा 'इस बीमारी के लक्षण दूसरी बीमारियों से भिन्न है। इस बीमारी के वायरस के असर मानव शरीर में श्वास नली के माध्यम से धीरे-धीरे फैलता है और फेफड़ों में संक्रमण पैदा करता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को श्वास लेने में परेशानी होने लगती है। कोविड-19 को संक्रमण दूसरे व्यक्तियों में न फैले इसलिए पीड़ित को कम से कम 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा जाता है तथा उस पर दूसरे लोगों से मिलने पर पाबंदी लाई जाती है। इस बीमारी को फैलने से रोकने का सबसे कारगर उपाय है कि मुलाकात के दौरान दूरी बनाकर मिलें। हाथ न मिलाएं। हाथ जोड़कर नमस्ते करें। किसी वस्तु को हाथ लगाने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं।'

डॉ. भारद्वाज ने बताया कि पीपीई एक ऐसा उपकरण है जो मुख्य रूप से स्वास्थ्य कर्मचारियों को खतरनाक कार्यस्थलों में जोखिम से बचाने के लिए उपयोग किया जाता है। मास्क, सुरक्षा चश्मा, सुरक्षा जूते के अलावा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों में बड़ी संख्या में श्वसन सुरक्षा उपकरण, सुरक्षात्मक कपड़े शामिल हैं, जिसमें हेलमेट, काले चश्मे, श्रवण रक्षक (कान प्लग), सुरक्षा दस्ताने, सुरक्षा जूते, श्वासयंत्र और सीट बेल्ट आदि शामिल हैं ।

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