International Woman's Day Special: पढ़िये समाजसेवी 'श्रद्धा सक्सेना' की कहानी, उन्हीं की जुबानी

International Woman's Day Special: पढ़िये समाजसेवी 'श्रद्धा सक्सेना' की कहानी, उन्हीं की जुबानी

एक मेकअप आर्टिस्ट होने के नाते श्रद्धा सक्सेना जी बताती है कि मैं निर्धन लड़कियों का मेकअप बिना पैसे के करती हूं। मुझे लगता है मेरे किये गए काम से उनके चेहरे पर खुशी आएगी ये मेरे लिए सुकून है।

मै श्रद्धा सक्सेना एक मेकअप आर्टिस्ट और समाजसेवी हूँ। वर्ष 2007 में फैशन टेक्नोलॉजी की डिग्री लेने के बाद दिल्ली के एक्सपोर्ट हाउस में फैशन डिज़ाइनर की पोस्ट पे कार्यरत रही।

2010 में लखनऊ में डेवलोपमेन्ट कमिश्नर हैंडीक्राफ्ट ऑफिस में Impaneled डिज़ाइनर के रूप में कार्य करना शुरू किया। 2014 में अपनी संस्था अंश वेलफेयर फाउंडेशन की स्थापना की।

माँ दुर्गा को मैं शक्ति स्वरूपा मानती हूँ और मेरे कठिन समय में उन्होंने ही मुझे उठा के दोबारा खड़े होने की हिम्मत दी। बस यही सोच रख कर 2015 में अंश शारदीय उत्सव (दुर्गा पूजा समिति) की शुरुआत हुई, इसमे सबसे खास बात ये थी के इस समिति में 90 परसेंट महिलाएं ही हैं।

82 महिलाओं की यह पूजा समिति इस बात का पूरक है कि यदि महिलाएं एक साथ खड़ी हो जाए तो कोई भी काम असंभव नही होता। 2016 में कुछ निर्धन बच्चियों को लेकर हमने अंश हैंडीक्राफ्ट स्टूडियो की शुरुआत की। इसके अंतर्गत हाथ के बने ,ज्वेलरी, क्राफ्ट वर्क, हैंडलूम वर्क आदि काम शुरू हुआ।

4 बच्चियों के साथ यह कार्य शुरू किया ये बच्चिया पहले घरो में झाड़ूपोछा करती थी। अब इनके हाथ मे हुनर होने से ये खुद आत्मनिर्भर हैं। वर्ष 2017 में मुझे राज्यपाल श्री रामनाईक जी के हाथों मेरे कार्यो को देखते सम्मान मिला । 2016 में मुझे दिल्ली में ICCR में मेरे आर्ट, क्राफ्ट, क्रिएटिविटी के लिए अवार्ड दिया गया।

वर्ष 2018 में हमारी संस्था ने उत्तर प्रदेश में पहली बार महिला कबड्डी लीग आयोजित की जिसमे 25 जिलो की टीमो ने प्रतिभाग किया। मै और मेरी टीम ने दिन रात एक किया इस कार्यक्रम के लिए ओर किसी भी बच्ची से कोई भी रेजिस्ट्रेशन या किसी प्रकार का कोई शुल्क नही लिया गया।

इस कार्यक्रम में मैंने गवर्नर सर को मुख्य अतिथि में आमंत्रित किया था। उन्होंने मेरी हिम्मत, मेरे जज़्बे की बहुत प्रशंसा की और मुझे ढेरो आशीर्वाद दिए।

7 साल में अंश वेलफेयर फाउंडेशन, अंश दुर्गा पूजा समिति, अंश हैंडीक्राफ्ट, श्रद्धा मेकओवर मैंने अपनी मेहनत, लगन व अपनी टीम के सहयोग से बनाए हैं।

एक मेकअप आर्टिस्ट होने के नाते मैं निर्धन लड़कियों का मेकअप बिना पैसे के करती हूं। मुझे लगता है मेरे किये गए काम से उनके चेहरे पर खुशी आएगी ये मेरे लिए सुकून है।

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