जयपुरिया प्रबंध संस्थान में हुआ वार्षिक दीक्षांत समारोह, कोविड के मद्देनज़र आयोजित किया गया ऑनलाइन

जयपुरिया लखनऊ का ये 25th दीक्षांत समारोह था, जबकि नोएडा का 15th, जयपुर का 14th व इंदौर शाखा का 9th था।
जयपुरिया प्रबंध संस्थान में हुआ वार्षिक दीक्षांत समारोह, कोविड के मद्देनज़र आयोजित किया गया ऑनलाइन

दिनांक 17 जुलाई 2021, को जयपुरिया प्रबंध संस्थान ने अपने वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन किया । COVID -19 के मद्देनज़र इस बार दीक्षांत समारोह ऑनलाइन (इ-मोड) में किया गया । इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण Facebook और YouTube पर भी किया गया।

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि ,श्री रशेष शाह, अध्यक्ष एवम मुख्य कार्यपालक अधिकारी एडलवाइस ग्रुप थे दीक्षांत समारोह में कुल चारो संस्थान (जयपुरिया प्रबंध संस्थान लखनऊ, नोएडा, जयपुर इंदौर) के 1023 छात्रों को डिप्लोमा प्रदान किया गया।

Shri Rashesh Shah
(CEO & Chairman Edelweiss group)
Shri Rashesh Shah (CEO & Chairman Edelweiss group)

जयपुरिया लखनऊ का ये 25th दीक्षांत समारोह था, जबकि नोएडा का 15th, जयपुर का 14th व इंदौर शाखा का 9th था।

इस समारोह में मुख्य अतिथि के साथ, संस्थान के अध्यक्ष , उपाध्यक्ष श्री श्रीवत्स जयपुरिया, चारो शाखाओं के निदेशक , शिक्षकों व छात्रों ने हिस्सा लिया।

अपने सम्बोधन अभिभाषण में श्री शरद जयपुरिया ने सभी अतिथियों एवं छात्रों का स्वागत करते हुए कहा की विगत 25 वर्षो में संस्थान ने बहुत तररकी की है एवं कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं ।

Shri. Sharad Jaipuria (Chairman, Jaipuria Institute of Management)
Shri. Sharad Jaipuria (Chairman, Jaipuria Institute of Management)

श्री शरद जयपुरिया ने श्री रशेस शाह जी का स्वागत व मुख्य अतिथि बनने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने श्री शाह के फाइनेंस छेत्र में योगदान की सराहना करते हुए कहा की उन्होंने कई समितियों का हिस्सा बनकर देश की कई आर्थिक नीतियों में अपना सहयोग दिया है।

छात्रों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने नेल्सन मंडेला को कोट किया और कहा "आपके विकल्प (choices) आशा के प्रभाव में होना चाहिए न की डर के" उन्होंने कहा की हमे हमेशा आशावादी दृश्टिकोण अपनाना चाहिए।

जीवन में जितनी भी मुश्किलें हो हमे सदा आशावान बने रहना चाहिए। उन्होंने कहा की COVID महामारी के दौरान ये आशा ही थी जिसने इंसान और व्यवसाय को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

उन्होंने कहा की हमे एक किसान से सीखना चाहिए जो हर मुश्किल के बावजूद भी एक छोटा सा बीज जमीन में बोता है और आशा करता है की वो छोटा सा बीज एकदिन एक विशाल वृक्ष का रूप ले लेगा। उन्होंने कहा की आशा सिर्फ एक भावना मात्रा नहीं है बल्कि एक कार्यशैली है, जो हमे जोश और ऊर्जा के साथ अपनी मंज़िल की तरफ ले जाती है।

इसके उपरांत उपाध्यक्ष श्री श्रीवत्स जयपुरिया ने संस्थान की उपलब्धियों व प्रगति का ब्यौरा पेश किया, उन्होंने कहा कहा की विगत एक वर्ष में जयपुरिया ने हर छेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़े और संस्थान के हर दावेदारों का ख्याल रखकर सबके हित में काम किया।

इस मुश्किल समय में भी 90 प्रतिशत छात्रों की नौकरियां 230 से भी ज्यादा राष्ट्रीय एवम बहुराष्ट्रीय कंपनियों में सुनिचित किया है।

उन्होंने कहा की जयपुरिया के 3 कैंपस NIRF रैंकिंग में टॉप 75 में शामिल हैं, जयपुरिया के 2 फैकल्टी का शुमार देश के टॉप शोधकर्ताओं में है। पिछले एक वर्ष में जयपुरिया ने बहुत संस्थाओं के कर्मचारियों को भी ट्रेनिंग दी है। अपने छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय अनुभव प्रदान करने की दृस्टि से जयपुरिया ने कई अंतरास्ट्रीय विश्व विद्यालयों के साथ अनुबंध भी किया है। उन्होंने सभी छात्रों को बधाई दी और कहा की वे उनके मंगल की कामना करते हैं।

इस अवसर पर श्री रशेष शाह ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा की इस मौके पर उन्हें 31 वर्ष पूर्व हुए अपने IIM अहमदाबाद के अपने दीक्षांत समारोह की याद आ गयी और उन्होंने कहा की इंसान जो कुछ भी अपनी ज़िन्दगी में कामयाबी हासिल करता है उसमे उसके शिक्षण संस्थानों की अहम् भूमिका रहती है। उन्होंने कहा की भारत की अर्थव्य्स्वस्था साल दर साल मजबूत हो रही है और पिछले कुछ महीनो में ये और मजबूत हुई है और महामारी के प्रभाव से बाहर आती दिख रही है।

उन्होंने कहा के ये सही समय है अपने कॉर्पोरेट कैरियर की शुरुआत करने का। उन्होंने कहा की भारत आने वाले कुछ सालों में एक बहुत मजबूत अर्थव्यस्था का रूप ले लेगा और खासकर युवाओं के लिए बहुत सारे छेत्रों में अवसर आयेंगे। उन्होंने कहा की हर 4-5 साल में भारत अपनी अर्थव्यवस्था में 1 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर का इजाफा कर लेता है और 2025 के बाद इस दर में और इजाफा हो जायेगा।

श्री शाह ने कहा के हमे हमेशा फैसले लम्बे समय को ध्यान में रखकर लेने चाहिए , उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा की एडलवाइस ने 20 साल पहले 10 करोड़ से वेल्थ मैनेजमेंट का बिज़नेस शुरू किया था जो आज 5000 करोड़ तक पहुँच गया है।

उन्होंने छात्रों को सफलता के सूत्र देते हुए कहा, की उनके हिसाब से ये चीज़ें इंसान को निश्चित सफलता की और ले जायेंगे।

1) आईडिया (सुझाव या अवधारणा) : आज नए नए आईडिया का जमाना है, संसथान अपने कर्मचारिओं से ये उम्मीद करता है के वे हर परिस्थित में कुछ नया सोचें और कुछ ऐसा करें जो संस्थानों को प्रगति के रास्ते पर ले जाये।

2) नैतिक या मानवीय भावनायें : उन्होंने कहा की हमे हमेशा अपने नैतिक मूल्यों को साथ लेकर ही व्यवसाय करना चाहिए, नैतिक मूल्य किसी भी संस्था को एक मजबूत नींव प्रदान करते हैं एवम सभी के हित की भावना जगाते हैं।

3) जिज्ञासु एवम कुछ नया सीखने की इच्छा : उन्होंने कहा की कुछ नया सीखने की चाह ही आपको निरंतर आगे लेकर जायेगी. उन्होंने कहा की साल दर साल जिस तेज़ी के साथ परिवर्तन आ रहे हैं इस दौर में समय के साथ बदलने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा। कुछ नया सीखना, उसको भूलना और उसकी जगह फिर कुछ नया सीखना ही आजकल सफलता का मूल मंत्र बना हुआ है।

4) चुनातियों के लिए हमेशा तैयार : उन्होंने कहा कि हमेशा हमे चुनातियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए, चुनातियाँ ही हमे मजबूत बनती हैं और हमारे आत्मविश्वास को बढाती है तो हमे उनसे परेशान नहीं होना चाहिए बल्कि उनका सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने सभी छात्रों को बधाई दी और कहा वे उनके उज्जवल भविष्य कि कामना करते हैं।

इसके पश्चात सभी शाखाओं के निदेशकों डॉ दयानन्द पांडेय, नोएडा कैंपस, डॉ प्रभात पंकज, जयपुर कैंपस, डॉ हर्षवर्धन हलवे, इंदौर कैंपस व डॉ कविता पाठक लखनऊ कैंपस, ने भी सभी छात्रों को बधाई दी।

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