धर्मा प्रोडक्शंस के पूर्व कर्मी प्रसाद की न्यायिक हिरासत बढ़ी, ड्रग मामले में NCB ने किया था गिरफ्तार
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धर्मा प्रोडक्शंस के पूर्व कर्मी प्रसाद की न्यायिक हिरासत बढ़ी, ड्रग मामले में NCB ने किया था गिरफ्तार

बॉलीवुड में ड्रग्स के सेवन पर चल रही जांच के संदर्भ में धर्मा प्रोडक्शंस के पूर्व कर्मी क्षितिज प्रसाद की न्यायिक हिरासत मुंबई की एक अदालत ने 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी। ड्रग एंगल की जांच के तहत एनसीबी ने 26 सितंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था।

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बॉलीवुड में ड्रग्स के सेवन पर चल रही जांच के संदर्भ में धर्मा प्रोडक्शंस के पूर्व कर्मी क्षितिज प्रसाद (kshitij prasad) की न्यायिक हिरासत मुंबई की एक अदालत ने 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सामने आए ड्रग एंगल की जांच के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 26 सितंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था। उनके पहले की न्यायिक हिरासत की अवधि शनिवार को समाप्त हो गई। इस दिन एनडीपीएस की एक विशेष अदालत में उनकी पेशी हुई, जहां उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि को अगले मंगलवार तक बढ़ा दिया गया।

एनसीबी ने रिमांड को लेकर अपने आवेदन में कहा है कि प्रसाद कई ड्रग सप्लायर्स और ट्रेडर्स के संपर्क में रहे हैं और वह खुद भी ड्रग्स का सेवन करते थे और उनकी न्यायिक हिरासत इसलिए जरूरी है ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि उनके द्वारा बॉलीवुड में किन और लोगों को ड्रग की डिलिवरी की जाती रही है।

अपने वकील सतीश मनेशिंदे के माध्यम से दायर एक अलग बयान में क्षितिज ने कहा कि एनसीबी द्वारा कथित तौर पर दबाव बनाए जाने के चलते उन्होंने अपना पहला बयान वापस ले लिया था।

क्षितिज का दावा है कि एनसीबी के अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि अगर उन्होंने (फिल्म निर्माता) करण जौहर, सोमेन मिश्रा, राखी, अपूर्व, नीरज या राहिल को गलत तरीके से फंसाया तो वे उन्हें छोड़ देंगे, लेकिन उन्होंने (प्रसाद ने) ऐसा करने से इनकार कर दिया।

क्षितिज ने अपने बयान के अलावा हाथ से लिखे गए एक नोट में कहा, 27 सितंबर के बाद से मुझे हालिया कार्रवाई में डिनो मोरिया, अर्जुन रामपाल, और रणबीर कपूर को झूठा फंसाए जाने के लिए बार-बार परेशान किया जाने लगा, लेकिन इसके बावजूद मैं कहता रहा कि न तो मैं इन्हें व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं और न ही इन आरोपों की कोई जानकारी है।

क्षितिज ने आगे बताया कि जब उन्होंने ऐसा करने से इंकार कर दिया, तो एनसीबी के अधिकारियों ने अपने मन मुताबिक बयान तैयार किए और इस पर हस्ताक्षर करने के लिए उन पर दबाव डाला और यहां तक कि उनकी पत्नी और बेटे को भी मामले में फंसाए जाने की धमकी दी।

क्षितिज का दावा है, इस तरह से मुझे एनसीबी द्वारा गलत बयान देने के लिए मानसिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक हर तरह से परेशान किया जा रहा है।

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