Pankaj Tripathi: मिर्जापुर के 'कालीन भैया' ने लिया ये बड़ा फैसला, पर्दे पर अब नहीं करेंगे गलत भाषा का इस्तेमाल

वर्ष 2004 में फिल्म 'रन' से डेब्यू करने वाले पंकज त्रिपाठी 'अपहरण', 'बंटी और बबली', 'ओमकारा', 'अग्निपथ', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'फुकरे', 'मसान', 'स्त्री', 'लूडो', '83' समेत कई चर्चित फिल्मों और टीवी शो में नजर आ चुके हैं।
Pankaj Tripathi: मिर्जापुर के 'कालीन भैया' ने लिया ये बड़ा फैसला, पर्दे पर अब नहीं करेंगे गलत भाषा का इस्तेमाल

हिंदी दिवस के मौके पर अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने एक नया एलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह अब अपनी फिल्मों में गाली-गलौज या अभद्र भाषा नहीं बोलेंगे। कई फिल्मों और वेब सीरीज में नेगेटिव रोल्स निभा चुके पंकज त्रिपाठी ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान यह बात कही है। बता दें कि वेब सीरीज 'मिर्जापुर' में कालीन भैया के रूप में अपनी खास पहचान बनाने वाले पंकज त्रिपाठी अपने अभिनय के लिए जाने जाते हैं।

वर्ष 2004 में फिल्म 'रन' से डेब्यू करने वाले पंकज त्रिपाठी 'अपहरण', 'बंटी और बबली', 'ओमकारा', 'अग्निपथ', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'फुकरे', 'मसान', 'स्त्री', 'लूडो', '83' समेत कई चर्चित फिल्मों और टीवी शो में नजर आ चुके हैं। हालांकि उन्हें असली पहचान मिली वर्ष 2012 में आई फिल्म  'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से। इसके बाद ओटीटी पर भी पंकज त्रिपाठी ने अपना झंडा बुलंद किया है। मिर्जापुर में वह अखंडानंद त्रिपाठी उर्फ कालीन भैया के दमदार रोल में नजर आए। इन दिनों वह सीरीज 'क्रिमिनल जस्टिस' के तीसरे सीजन के जरिए दर्शकों को मनोरंजन कर रहे हैं।

हाल ही में एक बातचीत के दौरान पंकज त्रिपाठी ने एक कलाकार के रूप में पर्दे पर अपनी भाषा को लेकर बातचीत की। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपनी फिल्मों में गालियां देने से खुद को दूर रखेंगे? तो उन्होंने कहा, 'जी मैंने तय कर लिया है कि मेरे जो भी किरदार होंगे, उनमें अगर दृश्य की मांग को देखते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना बहुत ज्यादा जरूरी हुआ तभी मैं उसे सिर्फ क्रिएटव की तरह इस्तेमाल करूंगा।' 

इससे पहले वर्ष 2020 में एक इंटरव्यू के दौरान पंकज त्रिपाठी ने कहा था, 'वह सनसनी के लिए गाली-गलौज को मंजूरी नहीं देते हैं।' उन्होंने कहा था, 'अगर कोई एक्टर स्क्रीन पर गाली देता है, तो वह एक निश्चित संदर्भ में ऐसा करता है।' उन्होंने स्पष्ट किया था, 'गाली-गलौज करना कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे मैं स्वीकार करता हूं या मैं उसका समर्थन करता हूं। मैं अपनी फिल्मों में अभद्र भाषा बोलने से तब तक बचता हूं, जब तक सीन के अनुसार इसकी डिमांड न हो।' उन्होंने यह भी कहा, 'मैं एक आर्टिस्ट के रूप में क्या परोस रहा हूं, इस बात को लेकर जागरुक हूं।'

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