बिहार: मुजफ्फरपुर की दिव्यांग महिला बनी जिला पार्षद, मसाला बेचकर करती हैं गुजारा

मुज़फ्फरपुर के कांटी प्रखंड के लग्सरीपुर पंचायत के मिठनसराय माधोपुर की रहने वाली मीना देवी बचपन से दिव्यांग है। उनके पति उमेश साह भी दिव्यांग हैं, लेकिन दोनों ने कभी हिम्मत नहीं हारी।
बिहार: मुजफ्फरपुर की दिव्यांग महिला बनी जिला पार्षद, मसाला बेचकर करती हैं गुजारा

कहा जाता है जब कुछ करने का जज्बा और हौसला हो तो समाज के लोगों का साथ भी मिलता है और मंजिल भी मिलती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है बिहार के मुज़फ्फरपुर के कांटी प्रखंड की एक दिव्यांग महिला ने, जिसे लोगों का साथ भी मिला और अब वह जिला पार्षद भी बन गई हैं।
मुज़फ्फरपुर के कांटी प्रखंड के लग्सरीपुर पंचायत के मिठनसराय माधोपुर की रहने वाली मीना देवी बचपन से दिव्यांग है। उनके पति उमेश साह भी दिव्यांग हैं, लेकिन दोनों ने कभी हिम्मत नहीं हारी। आज कई लोगों को पछाडकर मीना देवी मुजफ्फरपुर जिला परिषद क्षेत्र संख्या 20 से चुनाव जीत गई।

कहा जा रहा है कि दिव्यांग दंपति उमेश साह और मीना देवी के ²ढ़ निश्चय की वजह से उन्होंने इस चुनाव को करीब 10 हजार वोटों से जीत लिया। इस जीत से उत्साहित मीना देवी एवं उनके पति ने बताया कि कह क्षेत्र के विकास के लिए दिन रात मेहनत करेंगे।

उमेश साह और मीना की शादी करीब 13 साल पहले हुई थी, उनके तीन बच्चे भी हैं। उमेश साह ने गरीबी की वजह से पहले चाय की दुकान की, फिर कबाड़ का काम किया करते थे, लेकिन आज वे मसाला का व्यवसाय कर रहे हैं।

उमेश सुबह अपनी एक स्कूटर पर मसाला लेकर निकलते हैं और गांव-गांव जाकर मसाला बेच कर शाम को घर लौट आते हैं। इस काम में उनकी पत्नी भी साथ बंटाती हैं।

उमेश बताते हैं कि ग्रामीणों ने ही उन्हें और उनकी पत्नी को चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद हमने पत्नी मीना को चुनाव लड़ाने का निश्चय किया और परिणाम अब सबके सामने है।

जीत से उत्साहित मीना कहती है कि जीत से वे उत्साहित जरूर हैं, लेकिन जनता ने उन्हें अब बड़ी जिम्मेदारी दे दी है। वे कहती हैं, जैसे वह मजबूती से अपने जीवन में आगे बढ़ी हैं, जैसे वह घर चलाती हैं, वैसे ही वे मजबूती से जनता की सेवा करेंगी। मेरी पूरी कोशिश होगी जनता की समस्याओं का जल्द निपटारा हो और मूलभूत सुविधाएं उन्हें मिल सके।

उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र में पेयजल, सडक, बिजली जैसी बुनियादी समस्याओं को हल करना और उसमें सुधार करना होगा। उन्होंने दावे के साथ कहा कि वे जनता के भरोसे पर कामयाब होंगी।

इधर, पत्नी को राजनीति में उतारने के संबंध में पूछे जाने पर उमेश कहते हैं कि आज ऐसे नेता की जरूरत है जो समाज में रहकर समाज के दुखदर्द को समझे। उन्होंने कहा कि आज नेता चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में नजर नहीं आते हैं।

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