बिहार: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छठ घाटों का किया निरीक्षण, व्रतियों की सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम पर ज़ोर देने को कहा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गंगा घाटों पर छठ व्रतियों की सुविधा के पूरे इंतजाम होंगे। उन्होंने कहा कि खतरनाक घाटों पर लोगों के आवागमन पर पूर्ण पाबंदी होगी।
बिहार: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छठ घाटों का किया निरीक्षण, व्रतियों की सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम पर ज़ोर देने को कहा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गंगा घाटों पर छठ व्रतियों की सुविधा के पूरे इंतजाम होंगे। उन्होंने कहा कि खतरनाक घाटों पर लोगों के आवागमन पर पूर्ण पाबंदी होगी।

महापर्व के पहले दिन मुख्यमंत्री सोमवार को गंगा तटों पर बनाये गये छठ घाटों का फिर से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री 10 दिनों के अंदर तीसरी बार घाटों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने स्टीमर के जरिये दानापुर के नासरीगंज गंगा घाट से पटना सिटी के कंगन घाट तक गंगा तटों पर छठ घाटों की तैयारियों का निरीक्षण किया।

उन्होंने छठ घाटों का मुआयना करने के क्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि छठ व्रतियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि छठ घाटों तक व्रतियों के पहुंचने की सुविधा एवं सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध रखें। खतरनाक एवं दललदल घाटों पर लोगों के आवागमन पर पूर्णत: पाबंदी हो।

उन्होंने कहा कि छठ पूजा के दौरान गंगा घाटों पर वॉच टावर से सतत निगरानी रखी जाए तथा गंगा के जलस्तर को देखते हुए घाटों की घेराबंदी सुनिश्चित करें।

छठ घाटों के निरीक्षण के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छठव्रतियों की सुविधा के लिए छठ घाटों का निर्माण कराया जा रहा था।

उन्होंने कहा, जिन जगहों पर घाट बने हैं, वहां छठव्रतियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की गयी है। जिन गंगा तटों पर छठ घाट नहीं बन सकता है, उसके बारे में लोगों को सतर्क कर दिया जाएगा। इस बार काफी अच्छी संख्या में गंगा तटों पर छठ घाटों का निर्माण कराया गया है और लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा का पुख्ता प्रबंध किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खतरनाक घाटों की घेराबंदी की गई है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय सहित कई लोग मौजूद रहे।

चार दिनों तक चलने वाले इस महान पर्व के दूसरे दिन यानी मंगलवार को श्रद्धालु दिनभर निराहार रह कर सूर्यास्त होने की बाद खरना करेंगे। इसके साथ ही 36 घंटे के निर्जला व्रत प्रारंभ हो जाएगा। पर्व के तीसरे दिन बुधवार को छठव्रती शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य अर्पित करेंगे उसके बाद गुरुवार को उदीयमान सूर्य के अघ्र्य देने के बाद ही श्रद्धालुओं का व्रत समाप्त हो जाएगा।

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