'बिहार यात्रा' के जरिए पार्टी में 'कद' बढ़ाने में जुटे कुशवाहा

जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष आर सी. पी. सिंह के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद से ही पार्टी संगठन में परिवर्तन के कयास लगाए जाने लगे है। इस बीच, वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशवाहा भी पूरे राज्य की यात्रा पर निकल गए हैं।
'बिहार यात्रा' के जरिए पार्टी में 'कद' बढ़ाने में जुटे कुशवाहा

जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष आर सी. पी. सिंह के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद से ही पार्टी संगठन में परिवर्तन के कयास लगाए जाने लगे है। इस बीच, वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशवाहा भी पूरे राज्य की यात्रा पर निकल गए हैं। कहा जा रहा है कि कुशवाहा इस यात्रा के जरिए पार्टी में अपने 'कद' को बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैें।

कुशवाहा अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) के जदयू में विलय के बाद जदयू का दामन थाम लिया था। इसके बाद कुशवाहा को जदयू संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष तो बना दिया गया, लेकिन वे सक्रिय नजर नहीं आए।

इस बीच, आर. सी. पी. सिंह के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शमिल होने के बाद जदयू में अचानक गहमागहमी बढ गई है। जदयू को केंद्रीय मंत्रिमंडल में सिर्फ एक कोटा मिलने तथा उस पर सिंह के बैठ जाने के बाद पार्टी में भी असंतोष नजर आया।

इस मामले में हालांकि कोई भी नेता खुलकर नहीं बोल रहा है, लेकिन इसके बाद मुख्यमंत्री के नजदीकी माने जाने वाले मुंगेर के सांसद ललन सिंह के कुशवाहा के घर पहुंच कर उनसे मिलने के बाद आनेवाले दिनों में पार्टी में बड़ा उलटफेर के कयास लगाए जाने लगे।

सिंह के मंत्री बनने के बाद पार्टी दो धडों में भी बंटती भी दिख रही है। कहा जा रहा है कि ललन सिंह केंद्र में मंत्री बनने को लेकर सबसे आगे थे, लेकिन अंतिम समय में सिंह का नाम आगे हो गया। देखा जा रहा है कि कई नेताओं ने सिंह को बधाई तक नहीं दी।

इधर, कुशवाहा बिहार यात्रा पर निकल गए। जदयू के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यात्राओं के जरिए संगठन और लोगों की बीच अपनी पैठ बनाते रहे हैं, लेकिन बदली परिस्थिति में कुशवाहा ने पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर से अपनी यात्रा प्रारंभ कर दी है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री कुशवाहा अपनी यात्रा के प्रथम चरण में पश्चिम चंपारण, सीतामढी और मधुबनी जिले में पार्टी कार्यकतार्ओं से मिलकर उनसे बात कर चुके हैं। उनकी दूसरे चरण की यात्रा 20 जुलाई से प्रारंभ होने की बात बताई जा रही है।

जदयू के एक नेता ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "कुशवाहा की यह यात्रा कई मायनों में अलग है। इस यात्रा से जहां कुशवाहा पार्टी में अपना कद बढ़ाने में जुटे हैं वहीं कुशवाहा कार्यकतार्ओं और सरकार के बीच कड़ी बनने की तैयारी में हैं। जदयू के जमीनी कार्यकर्ता सरकार से नाराज चल रहे थे। उनकी शिकायत थी की उनकी बात सरकार में नहीं सुनी जा रही है। इस नाराजगी को दूर करने के लिए कुशवाहा ने राज्य की यात्रा करने का निर्णय लिया।"

कुशवाहा भी कहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का चातुर्दिक विकास हुआ है। उन्होंने कहा, "पार्टी को फिर से राज्य में नंबर वन की पार्टी बनानी है।" अपनी यात्रा के दौरन कुशवाहा ने जदयू को नंबर वन की पार्टी बनाने का संकल्प कार्यकतार्ओं को भी दिलवा रहे हैं।

कुशवाहा ने कहा कि "जदयू महात्मा गांधी, राममनोहर लोहिया, डॉ. बीआर आंबेडकर, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कपर्ूी ठाकुर व जगदेव प्रसाद के नीति व सिद्धान्तों पर चलने वाली पार्टी है।"

बहरहाल, जदयू में हाल में घटी घटनाओं पर गौर करें तो तय है कि पार्टी संगठन में बदलाव तय है। यह बदलाव कब और कैसे होता है, यह देखने वाली बात होगी।

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