दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले BJP 2,500 'विस्तारक' को करेगी तैनात

राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 15 साल से सत्ता पर काबिज भाजपा सत्ता विरोधी लहर को मात देने के लिए जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए 2500 'विस्तारक' को तैनात करेगी।
दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले BJP 2,500 'विस्तारक' को करेगी तैनात

राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 15 साल से सत्ता पर काबिज भाजपा सत्ता विरोधी लहर को मात देने के लिए जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए 2500 'विस्तारक' को तैनात करेगी। लोगों के बीच पार्टी की स्थिति को मजबूत करने के लिए ये विस्तारक प्रत्येक नगरपालिका वार्ड में एक महीने तक रोजाना सात से आठ घंटे बिताएंगे। दिल्ली के तीन नगर निगमों (एमसीडी) के चुनाव अगले साल होने वाले हैं।

दिल्ली भाजपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि पार्टी जमीनी स्तर पर पार्टी को विस्तार और मजबूत करने और पार्टी में नए सदस्यों को जोड़ने के लिए विस्तारक कार्यक्रम शुरू कर रही है।

योजना के तहत सात से 10 विस्तारकों के समूह को नगर निगम वार्ड की जिम्मेदारी दी जाएगी और वे एक माह तक प्रतिदिन सात से 10 घंटे अपने निर्धारित क्षेत्रों में बिताएंगे। तीनों नगर निगमों में 272 नगर पालिका वार्ड हैं। भाजपा दिल्ली के एक पदाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में विस्तारक कार्यक्रम एक महीने के लिए अक्टूबर में शुरू किया जाएगा और लॉन्च की तारीख एक दो दिनों में तय की जाएगी।

जानकारी के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष पार्टी की स्थानीय इकाई द्वारा चुने गए इन 2,500 विस्तारक के साथ एक संवादात्मक और प्रेरक सत्र आयोजित करेंगे।

भाजपा दिल्ली के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा, "विस्तारक राज्य की प्रतिकूल सरकार के बावजूद पिछले 15 वर्षों में पार्टी शासित नगर निगमों के कार्यों के बारे में भी लोगों को बताएंगे। हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एमसीडी को लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कुछ नहीं करने के लिए दोषी ठहराते हैं, लेकिन उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। पहले कांग्रेस सरकार और अब आप सरकार जानबूझकर नगर निकायों को कमजोर कर रही है। एमसीडी को आर्थिक रूप से कमजोर बनाने के लिए, दोनों सरकारों ने दिल्ली वित्त निगम (डीएफसी) की सिफारिश के अनुसार कभी धन नहीं दिया है।"

भाजपा 2007 से नगर निगम पर शासन कर रही है और अगले चुनावों में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) से कड़ी चुनौती का सामना करने वाली है।

2017 में पिछले नगरपालिका चुनावों में, सत्ता विरोधी लहर को हराने के लिए, भगवा पार्टी ने सभी मौजूदा पार्षदों को टिकट देने से इनकार कर दिया था।

हालांकि, भाजपा को अभी भी अगले नगर निगम चुनावों के लिए उम्मीदवार के चयन के फामूर्ले को अंतिम रूप देना है, जिसने पिछली बार तीन निगमों में कुल 272 नगरपालिका सीटों में से 181 सीटों पर जीत हासिल करने में पार्टी की मदद की थी। आप ने 49 सीटें जीती थीं और कांग्रेस 2017 के नगरपालिका चुनावों में केवल 31 सीटें जीतकर तीसरे स्थान पर रही थी।

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