दिल्ली: स्कूल आने के लिए कोरोना टेस्ट जरूरी नहीं

दिल्ली के स्कूल 4 दिन की छुट्टियों के उपरांत सोमवार को खुले। हालांकि दिल्ली के वह दो स्कूलों में जिनमें कोरोना पॉजिटिव मामले पाए गए थे, वो सोमवार को भी बंद रहे। स्कूलों का कहना है कि...
दिल्ली: स्कूल आने के लिए कोरोना टेस्ट जरूरी नहीं

दिल्ली के स्कूल 4 दिन की छुट्टियों के उपरांत सोमवार को खुले। हालांकि दिल्ली के वह दो स्कूलों में जिनमें कोरोना पॉजिटिव मामले पाए गए थे, वो सोमवार को भी बंद रहे। स्कूलों का कहना है कि सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया के कारण स्कूल को बंद रखा गया है। स्कूल ने बाकायदा सभी छात्रों के अभिभावकों को संदेश भेजकर कहा कि अपने बच्चों को सोमवार को स्कूल न भेजें। हालांकि दिल्ली सरकार का कहना है कि स्कूल के जिस हिस्से या विंग में कोरोनावायरस के मामले पाए जाएं उसे ही बंद किया जाए।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोनोवायरस के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसे कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की संख्या काफी कम है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता पड़ी है। वहीं, कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नए निर्णय लेने के लिए दिल्ली आपदा प्रबंधन की बैठक 20 अप्रैल को बुलाई गई है।

दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय का कहना है कि स्कूलों के लिए ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया जिसके तहत छात्रों को कोविड-19 टेस्ट करवाना अनिवार्य हो। ऐसे में किसी भी स्कूल के सभी छात्रों को कोविड-19 टेस्ट अनिवार्य तौर पर करवाने की आवश्यकता नहीं है। शिक्षा निदेशालय के मुताबिक फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, छात्रों एवं शिक्षकों के सुरक्षा संबंधी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

अभी तक दिल्ली के दो प्राइवेट स्कूलों में कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस बीच अच्छी बात यह है कि स्कूल के किसी भी छात्र या शिक्षक की हालत चिंताजनक नहीं है। दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद के भी कई स्कूलों में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि रविवार को दिल्ली में 517 नए कोविड मामले सामने आए थे।

गौरतलब है कि 4 अप्रैल से ही दिल्ली के अधिकांश स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हुई हैं। लगभग 2 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद नियमित तौर पर शुरू हुए स्कूलों में इस प्रकार कोरोनावायरस के मामले मिलने से अब स्कूलों के साथ-साथ छात्रों के परिजन भी चिंतित हैं।

उधर सीबीएसई बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं भी 26 अप्रैल से शुरू होने जा रही हैं। हालांकि कोरोना के कारण कई राज्यों में स्कूल अभी भी कुछ दिन पहले खुले हैं। स्वयं राजधानी दिल्ली में भी 15 दिन पहले ही 10वीं एवं 12वीं समेत अन्य कक्षाएं शुरू की गई हैं। ऐसे में यदि फिर से स्कूल बंद होते हैं तो छात्रों को परीक्षाओं की तैयारी करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली के स्कूल अब छात्रों की इसी समस्या का समाधान ढूंढने में जुट गए हैं।

कोविड के कारण स्कूल लंबे समय तक बंद रहे जिससे शिक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ा। देश में डिजिटल विभाजन के कारण छात्रों का एक वर्ग पूरी तरह से नियमित शिक्षा से अलग-थलग हो गया। यहां तक कि जो लोग वर्चुअल कक्षाओं में लॉग इन करने में सक्षम थे, उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों का सामना करना पड़ा क्योंकि वे अपने, स्कूल शिक्षक लाइब्रेरी व दोस्तों से कटे हुए थे।

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