DUTA चुनाव में पहली बार शामिल होगा दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन

DUTA चुनाव में पहली बार शामिल होगा दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन

इस बार डूटा चुनाव में प्रमुख मुद्दे राष्ट्रीय शिक्षा नीति ,तदर्थ शिक्षकों का समायोजन है। डीयू में 5000 तदर्थ कॉलेजों व लगभग 800 विभागों में एक दशक या उससे अधिक से काम कर रहे है। इन तदर्थ शिक्षकों का समायोजन की मांग प्रत्येक संगठन द्वारा की जा रही है।

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के चुनाव में पहली बार आम आदमी पार्टी की शिक्षक इकाई दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) भी अपना प्रत्याशी चुनाव में उतार रही है। चुनाव मैदान में उतरने वाली डीटीए शुरूआती तौर पर डूटा एग्जिक्यूटिव सीट पर ही अपने चुनाव लड़ेगी। दिल्ली विश्वविद्यालय में डूटा चुनाव 26 नवम्बर को होना है।

इस बार डूटा चुनाव में प्रमुख मुद्दे राष्ट्रीय शिक्षा नीति ,तदर्थ शिक्षकों का समायोजन है। डीयू में 5000 तदर्थ कॉलेजों व लगभग 800 विभागों में एक दशक या उससे अधिक से काम कर रहे है। इन तदर्थ शिक्षकों का समायोजन की मांग प्रत्येक संगठन द्वारा की जा रही है।

इसके अलावा एडहॉक टीचर्स को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दिलाना ,एडहॉक महिला शिक्षिकाओं को छह महीने का मातृत्व अवकाश ,प्रिंसिपल का कार्यकाल 5 साल कराना आदि भी शिक्षक संगठनों के एजेंडे का हिस्सा है।

डीटीए ने डॉ.हंसराज सुमन को अपने उम्मीदवार के तौर पर चुनाव में उतारा है । डॉ.सुमन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है।

डीटीए ने चुनाव के मद्देनजर कार्यकारिणी के सदस्यों की मीटिंग रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैम्पस की आर्ट्स फैकल्टी में हुई। यहां सामूहिक निर्णय लिया गया कि डॉ.हंसराज सुमन को डूटा चुनाव में प्रत्याशी बनाया जाए।

डीटीए की सचिव डॉ. संगीता मित्तल ने बताया है कि डॉ.हंसराज सुमन अरबिंदो कॉलेज के हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। वह पांच साल नॉन कॉलेजिएट सेंटर के प्रभारी रहे है । वर्ष 2015-2017 और 2017 -2019 तक दिल्ली विश्वविद्यालय की सर्वोच्च संस्था एकेडेमिक काउंसिल में सदस्य भी रह चुके हैं।

उन्होंने बताया है कि डॉ.सुमन ने डीयू के विभागों में पीएचडी की अनिवार्यता को खत्म कराने में अहम भूमिका अदा की है।

डा. सुमन का कहना है कि वह दिल्ली सरकार के वित्त पोषित 28 कॉलेजों में तदर्थ शिक्षकों के समायोजन और स्थायीकरण कराने के लिए दिल्ली सरकार पर दबाव बनाएंगे। अभी सरकार के कॉलेजों में अस्थायी गवनिर्ंग बॉडी है। दिल्ली सरकार की गवनिर्ंग बॉडी बनने पर इन कॉलेजों में एडहॉक शिक्षकों के समायोजन और स्थायीकरण कराना हमारे संगठन की पहली प्राथमिकता होगी ।

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