दिल्ली: मुख्यमंत्री आवास के बाहर तोड़फोड़, भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैमरा तोड़ा

दिल्ली: मुख्यमंत्री आवास के बाहर तोड़फोड़, भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैमरा तोड़ा

रविवार शाम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर तोड़फोड़ हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भाजपा नेताओं को तोड़फोड़ का आरोपी ठहराया है।`

रविवार शाम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर तोड़फोड़ हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भाजपा नेताओं को तोड़फोड़ का आरोपी ठहराया है। आम आदमी पार्टी ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री आवास के बाहर सीसीटीवी कैमरा तोड़ते हुए देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ता एवं निगम पार्षद बीते कई दिनों से सीएम हाउस के बाहर धरना दे रहे हैं।

आम आदमी पार्टी ने कहा, "मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने रविवार शाम यहां तोड़फोड़ की। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। भाजपा के कई नेताओं की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरे तोड़े गए।"

वहीं उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने कहा, "मुख्यमंत्री आवास के बाहर रविवार को भाजपा की महिला पार्षद सोई हुई थीं, वहां सीएम दफ्तर के लोगों ने कैमरे लगाने शुरू कर दिए। महिला पार्षदों ने इसका विरोध किया।"

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। यहां सीसीटीवी कैमरे तोड़े गए। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता दिल्ली पुलिस के संरक्षण में हिंसा कर रहे हैं।

इससे पहले भाजपा नेताओं पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर हमले का आरोप लग चुका है। उपमुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी की में उनके घर पर तोड़फोड़ की गई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में छह भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

वहीं इससे पहले रविवार सुबह गृहमंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर धरना देने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के छह विधायकों समेत नौ लोगों को हिरासत में ले लिया। ये विधायक, नगर निगम में कथित घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर गृहमंत्री और उपराज्यपाल आवास के बाहर विधायक धरना देने जा रहे थे।

जिन विधायकों को हिरासत में लिया गया है, उनमें दिल्ली जलबोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा, आतिशी, कुलदीप कुमार, ऋतुराज गोविंद, संजीव झा आदि शामिल हैं।

इन विधायकों का कहना था कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री आवास के बाहर भाजपा नेताओं को धरना प्रदर्शन की अनुमति दी गई है, उसी प्रकार इन्हें भी उपराज्यपाल और गृहमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाए। हालांकि पुलिस ने इन विधायकों को किसी भी प्रकार के प्रदर्शन से पहले ही हिरासत में ले लिया।

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