अब साड़ियों में नजर आएंगी दिल्ली पुलिस की महिला फ्रंट डेस्क एग्जिक्यूटिव्स

अब साड़ियों में नजर आएंगी दिल्ली पुलिस की महिला फ्रंट डेस्क एग्जिक्यूटिव्स

विभिन्न सरकारी कार्यालयों में तेजी से खादी को स्वीकार किया जा रहा है। अब दिल्ली पुलिस के विभिन्न ऑफिसों में महिला फ्रंट डेस्क एग्जिक्यूटिव्स (कार्यकारियों) साड़ियों में नजर आएंगी।

विभिन्न सरकारी कार्यालयों में तेजी से खादी को स्वीकार किया जा रहा है। अब दिल्ली पुलिस के विभिन्न ऑफिसों में महिला फ्रंट डेस्क एग्जिक्यूटिव्स (कार्यकारियों) साड़ियों में नजर आएंगी। खादी और ग्रामीण आयोग उद्योग (केवीआईसी) से दिल्ली पुलिस ने 25 लाख रुपये मूल्य की 836 खादी सिल्क की सुंदर साड़ियां खरीदी हैं।

दोहरे रंग की साड़ियां तसर - कटिया सिल्क से बनाई जा रही हैं। साड़ियों के नमूने दिल्ली पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए, जिसके अनुसार केवीआईसी द्वारा साड़ियां बनाई जा रही हैं और दिल्ली पुलिस द्वारा स्वीकृत है। साड़ियां नेचूरल कलर सिल्क तथा गुलाबी रंग में कटिया सिल्क की मिश्रित होंगी।

केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा है कि दिल्ली पुलिस से मिले नवीनतम खरीद आदेश से खादी की बढ़ती लोकप्रियता जाहिर होती है। इससे खादी दस्तकारों को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि काफी वर्षों से खादी का ट्रेंड हो गया है। खादी कारीगरी है, इसलिए यह सबसे आरामदायक कपड़ा है। उन्होंने कहा कि सामान्यजन ही नहीं विशेषकर युवाओं और सरकारी निकायों द्वारा खादी को अपनाया जा रहा है। यह दूरदराज के कताई और बुनाई करने वाले दस्तकारों को बहुत बड़ा प्रोत्साहन है।

दिल्ली पुलिस के लिए तसर - कटिया सिल्क की साड़ियां पश्चिम बंगाल में परम्परागत दस्तकारों द्वारा तैयार की जा रही हैं। तसर - कटिया सिल्क दो रंगों में उपलब्ध कपड़ा है जो तसर तथा कटिया सिल्क के मिश्रण से बनता है।

इसकी बुनाई परम्परागत दस्तकार करते हैं और इसकी पहचान गहरी और भारी बुनावट से होती है। इसकी बुनावट तसर और कटिया की दो अलग - अलग धागों से की जाती है। यह खुरदरा होता है और देखने में सादा लगता है, लेकिन सुराखदार बुनाई इस कपड़े को सभी मौसम में पहनने योग्य बना देती है।

गौरतलब है कि केवीआईसी ने चादरों और वर्दियों सहित खादी उत्पाद आपूर्ति के लिए भारतीय रेल, स्वास्थ्य मंत्रालय, भारतीय डाक विभाग, एयर इंडिया तथा अन्य सरकारी एजेंसियों से भी समझौता किया है।

केवीआईसी एयर इंडिया के क्रू सदस्यों तथा स्टाफ के लिए यूनिफॉर्म बना रहा है। आयोग 90 हजार से अधिक डाक बंधुओं/डाक बहनों के लिए यूनिफॉर्म बना रहा है। यूनिफॉर्म ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।

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