कृषि कानूनों के विरोध में धूप में बैठ कर एक बाबा का तप

कृषि कानूनों के विरोध में धूप में बैठ कर एक बाबा का तप

कृषि कानूनों के खिलाफ बागपत जिले के सरुरपुर कलां से आये बाबा जगपाल महाराज तपती धूप में गाजीपुर बॉर्डर पर बैठ कर तप कर रहे हैं। अगले 11 दिन तक इसी तरह सुबह से शाम तक बॉर्डर पर बैठेंगे और अन्न का सेवन नहीं करेंगे, हालांकि वह फल का सेवन करते रहेंगे।

कृषि कानूनों के खिलाफ बागपत जिले के सरुरपुर कलां से आये बाबा जगपाल महाराज तपती धूप में गाजीपुर बॉर्डर पर बैठ कर तप कर रहे हैं। अगले 11 दिन तक इसी तरह सुबह से शाम तक बॉर्डर पर बैठेंगे और अन्न का सेवन नहीं करेंगे, हालांकि वह फल का सेवन करते रहेंगे।

दरअसल बीते साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर किसान डेरा डाले हुए हैं और सरकार द्वारा पारित किए गए कानूनों का विरोध कर रहें है। ऐसे में बागपत जिले से आए बाबा भी अब बॉर्डर पर बैठ कर अपना समर्थन किसानों को दे रहे हैं।

बाबा के साथ आए उनके एक साथी मालू ने बताया, "कृषि कानून वापस कराने के लिए बाबा तप कर रहे हैं। अगले 11 दिन तक इसी तरह सुबह से शाम तक बैठेंगे और तप करेंगे। इस दौरान अन्न नहीं खाएंगे बल्कि फल का सेवन करेंगे।"

उन्होंने आगे बताया, "बाबा के बगल में जल रही आग हर दिन तेज करेंगे इसके लिए हर दिन एक उपला रखा जाएगा।"

दरअस तीन नए अधिनियमित कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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