बॉर्डर पर किसानों के समर्थन में उतरे छात्र, नुक्कड़ नाटक कर जताया सरकार के खिलाफ विरोध

बॉर्डर पर किसानों के समर्थन में उतरे छात्र, नुक्कड़ नाटक कर जताया सरकार के खिलाफ विरोध

कृषि कानून पर दो महीने से अधिक समय से किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है, देशभर के हर वर्ग के लोगों का किसानों को समर्थन मिल रहा है। ऐसे में आज गाजीपुर बॉर्डर पर कुछ छात्रों ने आकर किसानों को अपना समर्थन दिया।

कृषि कानून पर दो महीने से अधिक समय से किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है, देशभर के हर वर्ग के लोगों का किसानों को समर्थन मिल रहा है।

ऐसे में आज गाजीपुर बॉर्डर पर कुछ छात्रों ने आकर किसानों को अपना समर्थन दिया और एक नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी किसानों के सामने पेश की।

दरअसल केरल से आए छात्र फिलहाल दिल्ली यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े हुए हैं। बॉर्डर पर आकर सभी छात्रों ने नुक्कड़ नाटक दिखाया वहीं किसानों के समर्थन में एक गीत भी पेश किया।

सभी छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी में विभिन्न कोर्सेस की पढ़ाई कर रहे हैं, छात्रों के मुताबिक गाजीपुर बॉर्डर के बाद वह सिंघु बॉर्डर और जिस बॉर्डर पर प्रदर्शन चल रहा है वहां भी जाएंगे।

इसी ग्रुप के एक छात्र अनिल सेथुमाधव ने आईएएनएस को बताया, "सरकार किसान विरोधी है, उसके साथ साथ छात्र विरोधी भी है। किसानों के लिए हम लड़ रहे हैं, हम छात्र किसान मजदूर सभी लोग जो मोदी और शाह से परेशान हैं। हम सब एक जुट होकर मोदी सरकार के खिलाफ लड़ रहें हैं।"

इसी ग्रुप की एक और छात्रा हर्षा ने आईएएनएस को बताया, "हम किसानों के समर्थन में यहां आए हुए हैं, इसके बाद हम दुस्तर बॉर्डर पर भी जाएंगे और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करेंगे।"

दरअसल तीन नए खेत कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 पर किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता हेतु सरकार का विरोध कर रहे हैं।

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