इंदौर ने 98 साल की महिला ने घर में रहकर दी कोरोना को मात

दवाएं समय से लें तो कोरोना को घर पर रहकर भी हराया जा सकता है। यह साबित कर दिया है इंदौर की 98 साल की कलावती मिश्रा ने जिन्हें लोग प्यार से ''जीजी'' कहते है।
इंदौर ने 98 साल की महिला ने घर में रहकर दी कोरोना को मात

अगर कोरोना हो भी जाए तो घबराने की जरुरत नहीं है । सकारात्मक नजरिया बनाए रखें और खुद को आइसोलेट कर लें। दवाएं समय से लें तो कोरोना को घर पर रहकर भी हराया जा सकता है। यह साबित कर दिया है इंदौर की 98 साल की कलावती मिश्रा ने जिन्हें लोग प्यार से ''जीजी'' कहते है।

इंदौर के साउथ राज मोहल्ला में रहने वाले मिश्रा परिवार की मुखिया है कलावती मिश्रा। जिन्हें प्यार और आदर से सब जीजी कहते है। जीवटता की मिसाल 98 साल की जीजी ना सिर्फ परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले की चहेती हैं। कोरोना ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया, परिजनों ने जांच करवाई तो जीजी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट भले पॉजिटिव आई थी मगर जीजी का मिजाज तो हमेशा से पॉजिटिव रहा है। उन्होंने अस्पताल जाने से साफ इंकार कर दिया और डॉक्टर की सलाह से निर्धारित सभी दवाइयां समय पर खाती रही। घर के एक कमरे में आइसोलेट होकर हिम्मत के साथ उन्होंने कोरोना से जंग लड़ी। जीजी की जीवटता से कोराना परास्त हुआ। नौ दिन में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई।

जीजी की रिपोर्ट भले पॉजिटिव आई मगर उनकी सकारात्मक सोच ने चिंता को आधा कर दिया। जीजी के पुत्र प्रेमकांत मिश्रा ने सारी सुविधाएं जुटाईं। हवादार कमरे में परिजनों से दूर जीजी को आइसोलेट कर दिया गया। सिर्फ दोनों पुत्र उनके साथ थे पूरी सुरक्षा और एहतियात के साथ। वीडियो कॉल पर जीजी नाती, पोते, पड़पोते और पड़पोती तक से रोज बतियाती। आइसोलेशन के नौ दिन इसी प्यार और उत्साह में बीत गए।

जीजी ने अपने हौसले से वायरस को परास्त कर उन लोगों को राह दिखाई है जो पॉजिटिव होने के बाद हिम्मत हार जाते है। उन्होंने यह बताया कि बीमारी चाहे कितनी बड़ी हो हमारी हिम्मत और मन की ताकत से बड़ी नहीं हो सकती। सकारात्मक उर्जा के साथ मुकाबला करे तो हर जंग जीती जा सकती है।

Keep up with what Is Happening!

No stories found.
Best hindi news platform for youth. हिंदी ख़बरों की सबसे तेज़ वेब्साईट
www.yoyocial.news