मध्य प्रदेश: बगैर बैंड-बाजे के अफसर और मेजर बंधे परिणय सूत्र में

शादी समारोह के जरिए लोग अपनी हैसियत और संपन्नता का प्रदर्शन करते हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश के धार जिले में एक प्रशासनिक अधिकारी और सेना के मेजर ने बगैर बैंड-बाजे के ब्याह रचाया । वह दोनों महज पांच सौ रुपये खर्च कर परिणय सूत्र में बंध गए।
मध्य प्रदेश: बगैर बैंड-बाजे के अफसर और मेजर बंधे परिणय सूत्र में

शादी समारोह के जरिए लोग अपनी हैसियत और संपन्नता का प्रदर्शन करते हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश के धार जिले में एक प्रशासनिक अधिकारी और सेना के मेजर ने बगैर बैंड-बाजे के ब्याह रचाया । वह दोनों महज पांच सौ रुपये खर्च कर परिणय सूत्र में बंध गए।

कोरोना महामारी के कारण समारोहों के आयोजनों पर जहां रोक है, वहीं सीमित संख्या में लोगों की उपस्थिति भी तय की गई। धार में पदस्थ सिटी मजिस्ट्रेट शिवांगी जोशी का लगभग दो साल पहले सेना में मेजर अनिकेत चतुर्वेदी के साथ रिश्ता तय हो गया था ।

अनिकेत लद्दाख में तैनात हैं लेकिन कोरोना के कारण लगातार शादी टलती जा रही थी। आखिर में परिवार वालों की सहमति से दोनों ने समाज को संदेश देने के मकसद से सादे तौर पर शादी करने का फैसला लिया। इसी के चलते शिवांगी और अनिकेत ने कोर्ट मैरिज की है।

शिवांगी और अनिकेत की शादी में न तो धूम धड़ाका था, न ही बैंड और शहनाई की धुन सुनाई दे रही थी और न ही लोग नाचते गाते नजर आए , मगर शादी समारोह संपन्न हो गया। नव दंपति को जिलाअधिकारी आलोक सिंह ने प्रमाण पत्र प्रदान किया।

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