मध्यप्रदेश विधानसभा में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक पेश

मध्यप्रदेश विधानसभा में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक पेश

मध्यप्रदेश में धर्म परिवर्तन रोकने के लिए सरकार ने मप्र धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2021 सदन में पेश किया। इस विधेयक पर चर्चा बाद में होगी।

मध्यप्रदेश में धर्म परिवर्तन रोकने के लिए सरकार ने मप्र धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2021 सदन में पेश किया। इस विधेयक पर चर्चा बाद में होगी। विधानसभा में राज्य के विधि विधाई और गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को सदन में मप्र धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2021 पेश करने की विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम से अनुमति मांगी, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने अनुमति दी। इसके बाद यह विधेयक सदन में पेश किया गया। विधानसभा सूत्रों के मुताबिक, इस विधेयक पर चर्चा बाद में होगी।

ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने जनवरी 2021 में बहला-फुसलाकर, डरा-धमका कर विवाह के माध्यम से या अन्य किसी कपटपूर्ण साधन से प्रत्यक्ष अथवा अन्यथा धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए अध्यादेश लाकर कानून को अमल में लाया था। अब विधानसभा में विधेयक पेश किया गया है।

इस कानून में प्रावधान है कि धर्म परिवर्तन कराने संबंधी प्रयास किए जाने पर प्रभावित व्यक्ति स्वयं, उसके माता-पिता अथवा रक्त संबंधी इसके विरुद्ध शिकायत कर सकेंगे। यह अपराध सं™ोय, गैर जमानती तथा सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय होगा। उप पुलिस निरीक्षक से कम श्रेणी का पुलिस अधिकारी इसका अन्वेषण नहीं कर सकेगा। धर्मातरण नहीं किया गया है, यह साबित करने का भार अभियुक्त पर होगा।

इस कानून में एक से पांच वर्ष का कारावास व कम से कम 25 हजार रुपये का अर्थदंड होगा। नाबालिग, महिला, अ.जा., अ.ज.जा. के प्रकरण में दो से 10 वर्ष के कारावास तथा कम से कम 50 हजार रुपये अर्थदंड प्रस्तावित किया गया है। इसी प्रकार अपना धर्म छुपाकर ऐसा प्रयास करने पर तीन वर्ष से 10 वर्ष का कारावास एवं कम से कम 50 हजार रुपये अर्थदंड होगा। सामूहिक धर्म परिवर्तन (दो या अधिक व्यक्ति का) का प्रयास करने पर पांच से 10 वर्ष के कारावास एवं कम से कम एक लाख रुपये के अर्थदंड का प्रावधान है।

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