किरीट सोमैया का बड़ा आरोप, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के करीबी पुलिस अधिकारियों ने की मनसुख हिरेन की हत्या

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने दावा किया था कि पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की नृशंस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था।
किरीट सोमैया का बड़ा आरोप, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के करीबी पुलिस अधिकारियों ने की मनसुख हिरेन की हत्या

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने शनिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या को लेकर सीएम ठाकरे पर आरोप लगाए। किरीट सोमैया ने कहा कि उनके करीबी पुलिस अधिकारियों ने ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या की थी। भाजपा नेता सोमैया ने कहा कि वह इसे लेकर मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने दावा किया था कि पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की नृशंस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था। एनआईए के अनुसार मनसुख हिरेन को उद्योगपति मुकेश अंबारी के परिवार को डराने के लिए रची गई बड़ी साजिश में कमजोर कड़ी माना जा रहा था।

हाईकोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में एनआईए ने कहा कि शर्मा ने इस मामले में अन्य आरोपियों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय की इमारत के परिसर में कई बैठकें की थीं, जहां कथित साजिश रची गई थी। एजेंसी ने दावा किया कि बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने शर्मा को 45 लाख रुपये दिए थे जो उसने हिरेन की हत्या करने वाले व्यक्ति को दिए।

25 फरवरी 2021 को मुकेश अंबारी के दक्षिण मुंबई में स्थित आवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी एक एसयूपी मिली थी। यह एसयूवी मनसुख हिरेन की थी, जिसे पिछले साल पांच मार्च को ठाणे के पास एक क्रीक (छोटी नदी) में मृत पाया गया था।

एनआईए ने अपने हलफनामे में कहा है कि प्रदीप शर्मा एक गैंग का सक्रिय सदस्य था जिसने अंबानी परिवार समेत अन्य लोगों को आतंकित करने की साजिश रची थी और मनसुख हिरेन साजिश की कमजोर कड़ी था इसलिए शर्मा ने उसकी हत्या करवा दी थी। एजेंसी ने दावा किया कि मनसुख हिरेन को इस पूरी साजिश और आरोपी व्यक्तियों के बारे में पता था।

इस डर से कि वह सच न सामने ला दे, उसकी हत्या कर दी गई। क्योंकि अगर ऐसा हो जाता तो शर्मा और वाजे के लिए बहुत मुश्किलें खड़ी हो जातीं। एनआईए ने पूर्व 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' शर्मा को 17 जून 2021 को गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। एनआईए के अनुसार शर्मा और अन्य आरोपियों ने यूएपीए के तहत अपराध किए हैं।

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