उत्तर प्रदेश में ब्रिटेन से वापस आए 8 लोग कोरोना पॉजिटिव, एक शख्स लापता

उत्तर प्रदेश में ब्रिटेन से वापस आए 8 लोग कोरोना पॉजिटिव, एक शख्स लापता

स्वास्थ्य सूत्रों के अनुसार, इनमें से 3 मरीज मेरठ के हैं जबकि 2 गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिले के हैं। मेरठ के लोग लंदन की यात्रा कर चुके थे और 14 दिसंबर को वापस भारत आए थे। वहीं अन्य लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री का खुलासा नहीं किया गया है।

ब्रिटेन से वापस उत्तर प्रदेश आए 609 लोगों में से 8 का कोविड-19 परीक्षण पॉजिटिव पाया गया था। इनमें से एक रोगी अब लापता है। इसका पता लगाने के लिए प्रशासन जद्दोजहद कर रहा है।

भले ही वायरस के स्ट्रेन की पहचान होना बाकी है, लेकिन राज्य सरकार कोई चांस नहीं लेना चाहती है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 अस्पतालों की व्यवस्था चुस्त होनी चाहिए और वरिष्ठ डॉक्टरों को कोविड-19 वाडरें के नियमित राउंड लेने चाहिए।

इसके अलावा दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता, कोविड-19 अस्पतालों में सुनिश्चित की जानी चाहिए और पूरी क्षमता के साथ परीक्षण किए जाने चाहिए। उन्होंने नोडल अधिकारियों को जिलों का दौरा करने और स्थिति की निगरानी करने के लिए कहा है। बता दें कि केंद्र ने ब्रिटेन से राज्य में लौटे 1,655 लोगों की सूची दी थी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने कहा, "इनमें से 1,087 को ट्रैक किया गया है। 609 का परीक्षण किया गया है, जिनमें से 8 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।" उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों के नमूने जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं।

उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट नहीं है कि इन मामलों में पुराना कोविड या नया म्युटेंट स्ट्रेन कारण है। इसलिए रोगियों के नमूने जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। जल्द ही उनकी रिपोर्ट आने की संभावना है।"

स्वास्थ्य सूत्रों के अनुसार, इनमें से 3 मरीज मेरठ के हैं जबकि 2 गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिले के हैं। मेरठ के लोग लंदन की यात्रा कर चुके थे और 14 दिसंबर को वापस भारत आए थे। वहीं अन्य लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री का खुलासा नहीं किया गया है।

पहचान पत्र के 4 दिन बाद भी 9 से 22 दिसंबर के बीच ब्रिटेन के एक शहर में गए निवासियों में से एक का पता लगाया जाना बाकी है।

एक अधिकारी ने कहा, "एक यात्री का पता नहीं लग सका है क्योंकि उसका मोबाइल फोन लगातार बंद है। दस्तावेजों में उसके द्वारा दिया गया आवासीय पता कथौता, लखनऊ का है, लेकिन सटीक पता अभी भी नहीं मिला है।"

सूत्रों ने पुष्टि की कि नमूने सीएसआईआर के इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी, नई दिल्ली में भेजे गए थे। अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए गए विशेष अंतरराष्ट्रीय वार्ड में इन 8 में से 7 लोगों का इलाज चल रहा है। जबकि एक का इलाज नई दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल में चल रहा है।

वहीं सूचना और जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा, "कई जिलों ने बताया है कि ब्रिटेन से वापस आए लोगों ने अपने फोन बंद कर लिए हैं, जो कि ठीक नहीं है। राज्य सरकार सभी की भलाई और उनके खुद के हित के लिए परीक्षण करवा रही है। उन्हें आगे आकर इसमें मदद करनी चाहिए।"

राज्य में 1,102 नए मामले सामने आने के बाद कुल मामलों की संख्या 5,81,080 पर पहुंच गई है। इसमें से 5,56,912 ठीक हो चुके हैं और 8,293 लोगों की मौत हो चुकी है।

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