कोविड काल में अभिभावकों के दर्द से उपजा 'अभ्युदय'

कोविड काल में अभिभावकों के दर्द से उपजा 'अभ्युदय'

यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने अभ्युदय योजना की शुरूआत के अवसर पर 'अभ्युदय टाउनहॉल' मीटिंग में युवाओं ने खूब सवाल किए। बच्चों की जिज्ञासा और रोचक सवालों का मुख्यमंत्री ने भी विस्तार से उत्तर दिया।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने अभ्युदय योजना की शुरूआत के अवसर पर 'अभ्युदय टाउनहॉल' मीटिंग में युवाओं ने खूब सवाल किए। बच्चों की जिज्ञासा और रोचक सवालों का मुख्यमंत्री ने भी विस्तार से उत्तर दिया।

वाराणसी से कपिल दुबे ने 'अभ्युदय योजना' के सम्बंध में जिज्ञासा जाहिर की तो योगी ने कहा कि यह योजना कोविड काल में अभिभावकों की पीड़ा से उपजी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लॉकडाउन के बीच हमारे बच्चे कोटा (राजस्थान) में फंसे हुए थे। बहुत से युवा प्रयागराज में अध्ययनरत थे। इन बच्चों की वापसी के लिये अभिभावकों में एक बेबसी का माहौल था।

ऐसे में राज्य सरकार ने सभी की सकुशल वापसी सुनिश्चित की। लेकिन, एक विचार मन में आया, की क्यों नहीं यह बच्चे अपने अभिभावकों के साथ रहते हुए पढ़ाई करें। यही नहीं, इस वर्ष यूपीएससी में प्रदेश का प्रदर्शन भी बहुत संतोषप्रद नहीं था। अधिकारियों ने भी इस पर पीड़ा जाहिर की। फिर तय हुआ कि हम यहीं अपने बच्चों को हर संसाधन उपलब्ध कराएंगे।

गोरखपुर से साक्षी पांडेय ने ओडीओपी योजना के हवाले से सवाल पूछा। इस पर योगी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 'आत्मनिर्भर भारत' का जो सपना देखा है, यह योजना इसका आधार बन रही है। हर जनपद की विशिष्टता को पहचान, शिल्पकारों को प्रोत्साहित कर अर्थव्यवस्था को गति देने वाली इस योजना की देन है।

इस दीवाली चीन की मूर्तियों की जरूरत नहीं पड़ी, तो दीपोत्सव भी मिट्टी के दियों से ही रोशन हुआ। गोरखपुर की टेराकोटा निर्मित प्रतिमाएं और दीपक पूरे देश में मंगाए गए। योगी ने कहा कि बहुत जल्द अन्य राज्य भी इस योजना का अनुकरण करते हुए दिखेंगे।

प्रयागराज की शिष्या राठौर के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी को संयमित दिनचर्या का पालन करने की सीख दी। उन्होंने यह भी कहा को प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी का माहौल बहुत अच्छा है। ऐसा ही माहौल प्रदेश के हर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।

किसान सम्बन्धी नीतियों को लेकर मेरठ के हिमांशु बसंल की जिज्ञासा पर मुख्यमंत्री ने कहा, "आज किसान हित केवल नारों और भाषणों भर में नहीं है। स्वायल हेल्थ कार्ड जैसी किसान की मूलभूत जरूरत से लेकर किसानी की अनिश्चितता के समाधान के लिए फसल बीमा, अच्छी उपज के लिए सिंचाई योजना, तकनीक को जोड़ते हुए ड्रिप इरिगेशन को बढ़ावा देने की दिशा में आजादी के बाद पहली बार प्रयास हुए हैं।

यही नहीं आज वन नेशन-वन मार्केट की अवधारणा के अनुरूप कोई भी किसान कहीं भी फसल बेच सकता है। मंडी के बाहर शुल्क नहीं लगता। अब गन्ना किसान स्मार्टफोन पर पर्ची पाते हैं, उनका भुगतान लंबित नहीं रहता।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आंदोलन नहीं, बल्कि पीएम मोदी का अभिनन्दन करना चाहिए।

कोविड पर नियंत्रण के लिए दुनिया भर में हो रही यूपी की सराहना के सवाल लखनऊ की प्रियांशी मिश्रा को मुख्यमंत्री ने बताया कि यह टीम वर्क का नतीजा है। उन्होंने बताया कि जनता कर्फ्यू के दिन शाम को राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का फोन आया था और वह लोग कोविड संक्रमण की रफ्तार और यूपी में खस्ताहाल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्च र को लेकर चिंतित थे। लेकिन टीमवर्क से अंतत: उत्तर प्रदेश महामारी पर विजय प्राप्त कर सका। उन्होंने बताया कि जब पहला केस आया, तब टेस्ट की सुविधा नहीं थी, आज दो लाख टेस्ट रोज हो रहे हैं।

व्यस्तताओं के बीच नई-नई योजनाओं के विचार करने संबंधी लखनऊ की अनामिका सिंह के सवाल पर योगी ने बताया कि जब जीवन का लक्ष्य तय हो, ²ष्टिकोण स्पष्ट हो तो सफलता है। उन्होंने बताया कि हर घटना कुछ सिखाती है। हमें अनुभवों का लाभ लेना चाहिए।

Keep up with what Is Happening!

No stories found.
Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news