UP में बर्ड फ्लू की दस्तक, भोपाल की लैब भेजे गए नमूनों से हुई पुष्टि; अगले आदेश तक चिड़ियाघर सील

UP में बर्ड फ्लू की दस्तक, भोपाल की लैब भेजे गए नमूनों से हुई पुष्टि; अगले आदेश तक चिड़ियाघर सील

बर्ड फ्लू ने कानपुर में दस्तक दे दी है। दो दिन पहले कानपुर चिड़ियाघर में चार पक्षियों की मौत हो गई थी। zoo प्रशासन ने पक्षियों को पोस्टमॉटर्म के लिए भोपाल रिसर्च सेंटर भेजा था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चारों पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू से हुई है।

बर्ड फ्लू ने कानपुर में दस्तक दे दी है। दो दिन पहले कानपुर चिड़ियाघर में चार पक्षियों की मौत हो गई थी। मृत पक्षियों में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए गए थे। जू प्रशासन ने पक्षियों को पोस्टमॉटर्म के लिए भोपाल रिसर्च सेंटर भेजा था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चारों पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू से हुई है। जू प्रशासन के साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।

अगले आदेश तक चिड़ियाघर सील कर दिया गया है। देर रात डीएम की आपात बैठक में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। चिड़ियाघर के बाड़ों में रखे गए सभी 932 पक्षियों की जिंदगी दांव पर है। खतरे को देखते हुए इन्हें मारने का आदेश दिया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में कानपुर पहला शहर है, जहां बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान की लैब ने कानपुर चिड़ियाघर में मरे पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि की है। इसके मद्देनजर वहां के सभी पक्षियों को मारने की विवशता हो सकती है। फिलहाल चिड़ियाघर में कोई भी बाहरी नहीं जाएगा। स्टाफ भी पूरा एहतियात बरतेगा। आसपास रहने वाले लोगों को सावधनी बरतने की सलाह दी गई है।

कानपुर चिड़ियाघर में पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सिस्टम को अलर्ट पर कर दिया है। निजी और सरकारी सभी अस्पतालों को अलर्ट रहने और सारी तैयारी पूरी रखने के लिए कहा गया है। हैलट के संक्रामक रोग अस्पताल में तैयारी तेज कर दी गई हैं।

सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि कोरोना से बचाव के तरीके अपनाएं। मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग पालन करें और हाथ सैनिटाइज करें, इससे बर्ड फ्लू से भी बचत होगी।

सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के अनुसार बर्ड फ्लू कोरोना से अधिक खतरनाक है।इसकी मृत्यु दर अधिक है। ऐसे में बचाव का तरीका है कि कोविड गाइड लाइन का पालन करें। पक्षियों से दूर रहे हैं। इसके साथ ही मुर्गीखानों की जांच के लिए भी कहा गया है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी वैसे तो पक्षी से पक्षी में फैलती है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को हो गई तो एक से दूसरे में फैलने लगती है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल के अनुसार सारी तैयारी पूरी है।

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