BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का विपक्ष पर निशाना, बोले 'बहुते जोगी मठ उजाड़, एके जोगी धुंआधार'

उत्तर प्रदेश में वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि...
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का विपक्ष पर निशाना, बोले 'बहुते जोगी मठ उजाड़, एके जोगी धुंआधार'

उत्तर प्रदेश में वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सब कुछ तो प्रत्यक्ष दिख ही रहा है फिर भी इसे लेकर आपके मन में कोई संदेह है क्या ?

उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनावी घमासान पर बोलते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष में बहुत सारे लोग हैं। कोई अपनी जमीन बचाने के लिए तो कोई हैसियत बनाने के लिए चुनाव लड़ रहा है। वहां तो एक दल 5 मुख्यमंत्री और 20 उपमुख्यमंत्री बनाने के लिए भी चुनावी मैदान में है। सुधांशु त्रिवेदी ने बहुते जोगी मठ उजाड़, एके जोगी धुंआधार की कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष की हालत बहुते जोगी मठ उजाड़ और हमारी (भाजपा) एके जोगी धुंआधार जैसा है।

क्या योगी आदित्यनाथ ही सीएम पद के उम्मीदवार होंगे के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सुधांशु ने कहा कि इसमें आपके मन में कोई संदेह है क्या ? आपको प्रत्यक्ष तो दिख ही रहा है, इसमें संदेह कहां है ? आपको इसमें अभी भी कोई शक है क्या ?

त्रिवेदी के इस बयान का महत्व इसलिए बहुत ज्यादा है क्योंकि वे राज्यसभा सांसद होने के साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और आलाकमान के करीबी भी हैं और यह बयान भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय से दिया गया है।

ओबीसी आबादी की जनगणना के मामले में विरोधी दलों के हमले पर पलटवार करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने मुलायम, मायावती और लालू यादव पर इसे लेकर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि धरती पुत्र मुलायम सिर्फ अपने पुत्र के पिता रह गए, बहन मायावती सिर्फ अपने भाई की बहन रह गई और बिहार में गरीब-गुरबों की सरकार का नारा देने वाले अब सबसे अमीर हो गए। जातिगत आधार पर जनगणना की मांग करने वाले दलों के नेताओं से पहले अपनी पार्टी की गणना बताने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि ये दल बताएं कि उन्होंने ओबीसी जाति के कितने विधायक-सांसद दिए हैं।

त्रिवेदी ने यह साफ किया कि इस मामले में तकनीकी आधार पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है।

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