गर्भवती महिलाओं के प्रसव में विशिष्ट योगदान देने के लिए किया गया 'आई प्लेज्ड फॉर-9 अचीवर्स अवार्ड' समारोह का आयोजन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के नवीन कार्यालय में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अन्तर्गत समस्त गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व देखभाल में विशिष्ट योगदान देने के लिए राज्य स्तर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
गर्भवती महिलाओं के प्रसव में विशिष्ट योगदान देने के लिए किया गया 'आई प्लेज्ड फॉर-9 अचीवर्स अवार्ड' समारोह का आयोजन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के नवीन कार्यालय में आज प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अन्तर्गत समस्त गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व देखभाल में विशिष्ट योगदान देने के लिए राज्य स्तर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

माननीय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, श्री जय प्रताप सिह द्वारा 75 जनपदों में से पी0एम0एस0एम0ए0 दिवस पर एन्टीनेटल केयर, अल्ट्रासाउण्ड की सेवायें, हाई रिस्क प्रेगनेंसी चिन्हीकरण एवं उपचार प्रदान करने वाले जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आर0सी0एच0), जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता को सम्मानित किया गया। साथ ही प्रत्येक माह की 09 तारीख को सर्वाधिक संख्या में ए0एन0सी0 सेवायें प्रदान करने वाले निजी एवं राजकीय चिकित्सकों को भी सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह की 09 तारीख को गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापरक प्रसव पूर्व जांच एवं उपचार की सेवायें उपलब्ध कराये जाने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की उच्च प्राथमिकताओं वाला अभियान है।

सम्मान समारोह के अवसर पर माननीय स्वास्थ्य मंत्री, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, द्वारा दीप प्रज्जवलित करते हुये अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि समस्त गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांचें, संस्थागत प्रसव एवं आवश्यकतानुसार ससमय उपचार ही सुरक्षित मातृत्व का एक मात्र विकल्प है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारियों एवं चिकित्सकों का उत्साह एवं मनोबल बढाते हुये प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में उनके निरंतर योगदान की अपेक्षा की।

इस अवसर पर माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी ने कहा कि, नए भवन में कार्यालय आने से मै आशा करता हूँ कि कार्य संस्कृति में भी बदलाव आएगा। इस अवसर पर उन्होंने कोविड संकट के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए कार्य की प्रशंसा की। उनके अनुसार कोविड में उत्तर प्रदेश द्वारा किए गए कार्य की डब्लू0एच0ओ0, नीति आयोग ने भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5000 स्वास्थ्य उप केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इसमें अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी भर्ती की जा रही है। माननीय मंत्री जी के अनुसार इससे स्वास्थ्य का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा।

इस अवसर पर माननीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अतुल गर्ग जी द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के निर्धारित दिवस प्रत्येक माह की 09 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांचें हेतु अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुँचकर उपलब्ध निःशुल्क जांचे एवं उपचार प्राप्त करने का अनुरोध किया गया।

उन्होंने अपील की कि समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों पर समस्त गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांचें, संस्थागत प्रसव एवं आवश्यकतानुसार ससमय उपचार की सेवायें मिलें और जनता में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास पैदा हो। इस अवसर पर माननीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री महोदय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप इस कार्य को ईश्वर का कार्य मानकर अपने कर्तव्य का पालन करें।

अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री अमित मोहन प्रसाद द्वारा ए0एन0एम0 एवं आशा कार्यकत्रियों के कार्य को सराहते हुये आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को ए0एन0एसी0, परामर्श एवं संस्थागत प्रसव आदि अन्य सेवायें उपलब्ध कराकर प्रदेश मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने में सफल होगा।

अपर मुख्य सचिव महोदय ने कहा कि हम सभी को मात्र अच्छा कार्यालय ही नहीं अपितु अच्छी कार्य संस्कृति भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सिफ्सा एवं यूपी एड्स कंट्रोल सोसाइटी के इस नवीन कार्यालय को पान, गुटखा मुक्त बनाना चाहिए। उन्होंने डिजिटलीकरण पर बल देते हुए ई-फाइल पर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शीघ्र ही पांच हजार स्वास्थ्य उपकेंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। उन्होंने थ्त्न्श्े की संख्या बढ़ाए जाने की भी बात कही। उन्होंने जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 100-150 थ्त्न्श्े का संचालन प्रारंभ कर दिया जएगा।

उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा रही है ताकि लाभर्थियों की गायनी, मेडिसिन, सर्जरी एवं दांत आदि से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श मिल सके। उनके अनुसार ऐसा करने से होलिस्टिक हॉस्पिटल (सर्वांगीण चिकित्सालय) के रूप में स्थापित हो जाएंगे।

सम्मान समारोह में सभी उपस्थित प्रबुद्वजनों, अधिकारियों चिकित्सकों एवं अन्य का स्वागत करते हुये मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश अपर्णा उपाध्याय द्वारा कार्यक्रम की महत्ता के सम्बन्ध में सभी को अवगत कराया गया। इस अवसर पर मिशन निदेशक महोदया ने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप के बाद भी प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है।

सम्मान समारोह में डा0 लिली सिंह, महानिदेशक, परिवार कल्याण, डा0 वेदव्रत, महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य सेवायें, डा0 मंजरी टंडन, संयुक्त निदेशक एवं डा0 मनोज कुमार शुक्ल, महाप्रबंधक, मातृ स्वास्थ्य तथा सहयोगी संस्थायें, यूनीसेफ, टी0एस0यू0, डब्ल्यू0 एच0 ओ0 आदि के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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