उत्तर प्रदेश: अभी उद्योगों को नहीं मिलेगी मेडिकल आक्सीजन, कैंसर इंस्टीट्यूट में बिछेगी आक्सीजन पाइपलाइन

उत्तर प्रदेश: अभी उद्योगों को नहीं मिलेगी मेडिकल आक्सीजन, कैंसर इंस्टीट्यूट में बिछेगी आक्सीजन पाइपलाइन

प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। सरकार के सामने पर्याप्त संसाधन जुटाने की चुनौती खड़ी हो गई है। निजी अस्पताल, निजी लैब को अधिग्रहित किया जा रहा है। इसी बीच मेडिकल आक्सीजन का भी संकट खड़ा हो गया है।

प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। सरकार के सामने पर्याप्त संसाधन जुटाने की चुनौती खड़ी हो गई है। निजी अस्पताल, निजी लैब को अधिग्रहित किया जा रहा है। इसी बीच मेडिकल आक्सीजन का भी संकट खड़ा हो गया है।

इन आपात स्थितियों को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि फिलहाल उद्योगों को मेडिकल आक्सीजन नहीं दी जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त अनीता सिंह की ओर से गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए।

उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि विभिन्न कोविड अस्पतालों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण मेडिकल आक्सीजन की मांग तेजी से बढ़ रही है। वहींं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कैंसर इंस्टीट्यूट के निरीक्षण के दौरान यहां ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने के निर्देश दिए हैं।

कोरोना के मरीजों के लिए आक्सीजन की आपूर्ति अनवरत बनाए रखना व्यापक जन स्वास्थ्य हित में अत्यंत जरूरी हो गया है।

विभिन्न अस्पतालों की आक्सीजन की मांग और आपूर्ति को देखते हुए मेडिकल आक्सीजन के उत्पादनकर्ता और रिफिलर द्वारा उद्योगों को दी जा रही आक्सीजन की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से रोका जाना जरूरी है।

इससे कोविड मरीजों के लिए आक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाई जा सकेगी। उन्होंने कहा है कि आगामी आदेशों तक मेडिकल आक्सीजन की शत-प्रतिशत आपूर्ति सिर्फ मेडिकल और अस्पताल के उपयोग के लिए ही की जाएगी।

कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही सरकार चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने में जुटी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर केजीएमयू के ट्रामा सेंटर को पूरी तरह से कोविड अस्पताल के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है।

अपने कार्यालय कक्ष में इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार व केजीएमयू के फैकेल्टी सदस्यों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया।

उन्होंने बताया कि ट्रामा सेंटर के कोविड अस्पताल में परिवर्तित हो जाने के बाद हृदय रोगियों का इलाज लारी में, गायनेकोलॉजी से संबंधित केस क्वीन मैरी में और कैंसर से संबंधित समस्याओं को कैंसर इंस्टीट्यूट में देखा जाएगा।

इसके अलावा अन्य विभागों से संबंधित मरीजों को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कैंसर इंस्टीट्यूट का निरीक्षण भी किया।

यहां ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने के निर्देश दिए। कहा कि हर हाल में 18 अप्रैल, 2021 तक यह काम पूरा कर लिया जाए। साथ ही कहा कि रेमडेसिविर के किसी प्रकार की कालाबाजारी के मामले संज्ञान में आने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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