उत्तर प्रदेश: कानून व्यवस्था सबसे बड़ी उपलब्धि, कई स्तरों पर लिया गया फीडबैक

चुनावी रणनीति बनाने में जुटे पार्टी के एक आला नेता के मुताबिक उत्तर प्रदेश की जनता ने कानून व्यवस्था के मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार को 100 में से पूरे 100 नंबर दिए हैं। जाहिर सी बात है कि इस फीडबैक ने पार्टी को गदगद कर दिया है।
उत्तर प्रदेश: कानून व्यवस्था सबसे बड़ी उपलब्धि, कई स्तरों पर लिया गया फीडबैक

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार जीत हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाने की मंशा में लगी भारतीय जनता पार्टी ने अब प्रदेश सरकार और संगठन के कामकाज की जोर-शोर से समीक्षा करने का काम शुरू कर दिया है।

कई स्तरों पर फीडबैक लेने के बाद पार्टी आलाकमान को यह पता लगा है कि योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि कानून व्यवस्था को बनाए रखना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं जिस अंदाज में माफियाओं के खिलाफ मोर्चा संभाल रखा है और लगातार कड़े अंदाज में गुंडो-बदमाशों और माफियाओं को चेतावनी देते रहते हैं, उसे प्रदेश की जनता काफी पसंद कर रही है।

चुनावी रणनीति बनाने में जुटे पार्टी के एक आला नेता के मुताबिक उत्तर प्रदेश की जनता ने कानून व्यवस्था के मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार को 100 में से पूरे 100 नंबर दिए हैं। जाहिर सी बात है कि इस फीडबैक ने पार्टी को गदगद कर दिया है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए पार्टी नेता ने बताया, "कानून व्यवस्था , अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण जैसे मुद्दों पर जनता का खुला समर्थन भाजपा को मिलेगा। लेकिन भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस फीडबैक की है जो उन्हे अपने विधायकों के बारे में मिली है।"

बताया जा रहा है कि पार्टी को यह फीडबैक मिला है कि आम मतदाता बड़ी संख्या में स्थानीय विधायकों से नाराज चल रहे हैं। विधानसभा के चुनाव में पहली ईकाई विधायक उम्मीदवार ही होता है और अगर जनता उनसे नाराज रहती है तो फिर तस्वीर बदलने में ज्यादा देर नहीं लगती। इसलिए पार्टी की तरफ से तमाम विधायकों को यह हिदायत दी गई है कि वो अपने कामकाज की रिपोर्ट लेकर मतदाताओं के बीच जाएं और उनसे संवाद बनाए।

पार्टी ने विधायकों को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अगर जनता में उनके प्रति नाराजगी टिकट बंटवारे तक बरकरार रही तो फिर पार्टी को विकल्पों पर विचार करना होगा। हाल ही में गुजरात में मुख्यमंत्री समेत पूरी सरकार को बदल कर भाजपा ने यह तो दिखा ही दिया है कि वो चुनाव को लेकर कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं है।

दरअसल, चुनावी रणनीति बनाने में कोई कोर कसर न रह जाए, इसके मद्देनजर भाजपा आलाकमान ने हाल ही में केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की फौज को ( एक प्रभारी ,सात सह-प्रभारी और छह क्षेत्रीय संगठन प्रभारियों ) उत्तर प्रदेश में चुनावी रणनीति बनाने और उसे जमीन पर उतारने के काम में लगा दिया है।

चुनाव प्रभारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में यह केंद्रीय टीम बुधवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंची। बुधवार और गुरुवार को इस इस टीम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित प्रदेश से जुड़े सभी केंद्रीय मंत्रियों, योगी सरकार के मंत्रियों और प्रदेश संगठन के सभी दिग्गज नेताओं के साथ दो दिनों तक मैराथन बैठक की।

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