लखनऊ: ट्रैवेल एजेंसी संचालिका की हत्या कर शव को औरास के जंगल में फेंका, नर्सिंग की छात्रा समेत तीन गिरफ्तार

एसीपी अलीगंज अली अब्बास के मुताबिक कृष्णलोक कालोनी निवासी रूबी पाण्डेय ट्रैवल एजेंसी चलाती थी। वह घर में अकेले रहती थी। 28 अप्रैल की शाम को रूबी की नौकरानी शबनम घर पहुंची थी।
लखनऊ: ट्रैवेल एजेंसी संचालिका की हत्या कर शव को औरास के जंगल में फेंका, नर्सिंग की छात्रा समेत तीन गिरफ्तार

लखनऊ में मड़ियांव पुलिस ने ट्रैवल एजेंसी संचालिका रूबी पाण्डेय (34) की हत्या करने के आरोप में नर्सिंग छात्रा कविता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिन्होंने रूबी पाण्डेय की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर वारदात की थी। चिनहट की पीतांबरा कॉलोनी में रूबी की हत्या की गई थी। जिसके बाद शव को उन्नाव के औरास में फेंक कर आरोपी फरार हो गए थे। मंगलवार को पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए आरोपियों के पास से कार भी बरामद कर ली है।

लापता होने पर भाई ने दर्ज कराई थी शिकायत

एसीपी अलीगंज अली अब्बास के मुताबिक कृष्णलोक कालोनी निवासी रूबी पाण्डेय ट्रैवल एजेंसी चलाती थी। वह घर में अकेले रहती थी। 28 अप्रैल की शाम को रूबी की नौकरानी शबनम घर पहुंची थी। दरवाजा नहीं खुलने पर उसने मालकिन को फोन मिलाया था। लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई थी। इस पर शबनम ने दोबारा से फोन मिलाया। तो कॉल किसी युवती ने उठाई। उसने रूबी बन कर बात करने का प्रयास भी किया था। लेकिन शबनम मालकिन की आवाज पहचानती थी। उसने जोर देकर पूछा तो कॉल काट दी गई थी। शबनम को शक हो गया था। वह लगातार कई दिन रूबी के घर जाती रही। हर बार ताला लटकता मिला।

शबनम ने एक बार फिर से कॉल की तो फोन किसी युवक ने उठाया था। जिस पर शबनम का शक गहरा गया था। उसने किसी तरह से रूबी के भाई अमित का नम्बर तलाश कर उन्हें फोन कर पूरी बात बताई। अमित के छानबीन करने पर पता चला कि रूबी 27 अप्रैल की शाम को घर से बाहर गई थी। इसके बाद से ही वापस नहीं लौटी थी। अमित को बहन के साथ अनहोनी होने का अंदेशा हो गया था। सोमवार को अमित मड़ियांव थाने पहुंचा था। जहां उसने बहन के लापता होने और उसकी हत्या किए जाने का शक जताते हुए तहरीर दी थी। जिसके आधार पर पुलिस पड़ताल कर रही थी।

सर्विलांस ने संदिग्धों ने नम्बरों की खोली पोल

एडीसीपी प्राची सिंह के मुताबिक मामले की गम्भीरता को देखते हुए रूबी पाण्डेय के मोबाइल नम्बर को सर्विलांस पर लिया गया था। इस दौरान दो नम्बरों पर कई बार कॉल होना पाया गया। अमित को नम्बर दिखाने पर उसने बताया कि एक नम्बर रूबी के मुंहबोले भाई इन्दिरानगर निवासी वरुण मिश्रा का है। वहीं, दूसरा नम्बर चिनहट पीतांबरा कॉलोनी निवासी रजनीश का था। जो रूबी का पुराना दोस्त है।

अमित से यह जानकारी मिलने के बाद दोनों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ किए जाने पर रजनीश और वरुण ने रूबी की हत्या करने की बात कबूल ली। उन्होंने वारदात में बीएससी नर्सिंग छात्रा कविता निवासी सीतापुर के शामिल होने की बात भी बताई थी। जिसके आधार पर कविता को भी गिरफ्तार किया गया। साथ ही हत्या कर शव छिपाने के लिए इस्तेमाल हुई कार भी मिली। जिसमें रूबी का पर्स, अंगूठी, मोबाइल फोन और 15 हजार रुपये भी रखे हुए थे।

बीस लाख लेने पर भी बना रही थी दबाव
रजनीश के मुताबिक उसकी दोस्ती कविता से थी। दोनों के बीच सहमति से संबंध थे। यह बात रूबी को पता थी। एक दिन रूबी ने रजनीश और उसकी प्रेमिका की आपत्तिजनक हालत में चुपके से वीडियो बना ली थी। जिसे दिखा कर वह दोनों को ब्लैकमेल करती थी। रजनीश के मुताबिक रूबी उन लोगों से करीब बीस लाख रुपये वसूल चुकी थी। इसके बाद भी उसका लालच कम नहीं हुआ था। वह और रूपये देने के लिए दबाव बना रही थी। ऐसे में रजनीश और कविता ने हत्या करने की साजिश रची थी।

इसमें रूबी के मुंहबोले भाई वरुण को भी शामिल कर लिया था। बर्थडे पार्टी के बहाने से रूबी को रजनीश ने अपने घर बुलाया था। जहां पर कविता, रजनीश और वरुण ने मिलकर तकिए से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। फिर शव को कार में रख कर उन्नाव औरास स्थित जंगल में फेंक आए थे।

हत्या कर घूमने गए थे नैनीताल
औरास में रूबी का शव फेंकने के बाद सभी आरोपी कार से ही नैनीताल चले गए थे। जहां काफी दिन तक वह लोग रहे। इस दौरान वह लोग रूबी के कई परिचितों से सम्पर्क भी साधे रहे। लेकिन किसी ने भी रूबी की हत्या होने की बात का जिक्र नहीं किया था। इस पर उन्हें इत्मिनान हो गया था। इसके बाद ही रजनीश, वरुण और कविता वापस आ गए थे।

लावारिस मान शव का हुआ था अंतिम संस्कार
28 अप्रैल को औरास पुलिस को जंगल से एक महिला का शव मिला था। जिसकी शिनाख्त कराने का प्रयास किया गया था। 72 घंटे तक महिला के शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया था। फिर अंतिम संस्कार पुलिस ने कराया था। मंगलवार को रजनीश, कविता और वरुण के गिरफ्तार होने के बाद उन्होंने औरास में शव फेंकने की बात कबूल की थी। जिस पर औरास पुलिस से मड़ियांव पुलिस ने सम्पर्क किया था। वहीं, रूबी के भाई अमित ने भी उन्नाव में मिली महिला की पहचान फोटो के आधार पर बहन रूबी के तौर पर की थी।

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