मनीष गुप्ता हत्याकांड: आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह और चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच कर रही पूछताछ

अन्य आरोपितों की तलाश में गोरखपुर के साथ ही कानपुर जिले की पुलिस छापेमारी कर रही है। दरोगा अक्षय मिश्रा के बाराबंकी के स्थित घर में रविवार को एक बार फिर से एसआईटी की टीम ने छापा मारा था, लेकिन वह वाहा नहीं मिला था।
मनीष गुप्ता हत्याकांड: आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह और चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच कर रही पूछताछ

कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर में हुई मौत मामले में निलंबित और फरार चल रहे 6 पुलिसकर्मियों में आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायन सिंह (जेएन सिंह) और चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों से रामगढ़ताल और क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है। जल्द ही उन्हें कानपुर एसआइटी के हवाले कर दिया जाएगा। अन्य आरोपितों की तलाश में गोरखपुर के साथ ही कानपुर जिले की पुलिस छापेमारी कर रही है। दरोगा अक्षय मिश्रा के बाराबंकी के स्थित घर में रविवार को एक बार फिर से एसआईटी की टीम ने छापा मारा था, लेकिन वह वाहा नहीं मिला था।

कोर्ट में हाजिर होने की फिराक में थे हत्यारोपित पुलिसकर्मी

बताया जा रहा है कि मनीष गुप्ता की मौत के आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा कोर्ट में हाजिर होने की फिराक में थे। कानपुर और गोरखपुर पुलिस का गिरफ्तारी के लिए बढ़ते दबाव के बीच इंस्पेक्टर जेएन सिंह ने गोरखपुर के कई बड़े अधिवक्ताओं से संपर्क साधा था। हालांकि कुछ ने केस लड़ने से मना भी कर दिया था।

छह पुलिस वालों की पिटाई से हुई थी मनीष की मौत

कारोबारी मनीष की 27 सितंबर की रात में मौत हो गई थी। आरोप है कि होटल कृष्णा पैलेस में चेकिंग करने गए इंस्पेक्टर जेएन सिंह, अक्षय मिश्रा, विजय यादव समेत छह पुलिस वालों की पिटाई से मनीष की मौत हुई थी। इस मामले में रामगढ़ताल थाने में हत्या का केस भी दर्ज है। इसकी जांच कानपुर एसआईटी कर रही है और जांच में पिटाई से मौत का मामला भी साफ हो चुका है। आरोपितों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया है।

1 लाख का घोषित किया गया इनाम
फरार चल रहे बाकी पुलिस कर्मियों को पकड़ने के लिए भी प्रयास और तेज हो गए हैं। शुक्रवार को सभी पुलिस कर्मियों पर इनाम की जो 25-25 हजार की धनराशि घोषित की गई थी। जिसे शनिवार को बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दिया गया। साथ ही पुलिस द्वारा सभी आरोपित पुलिस कर्मियों की फोटो भी जारी की गई हैं। पुलिस ने सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखने और उसकी सुरक्षा का पूरा जिम्मा कमिश्नरेट कानपुर पुलिस ने लिया।

कानूनी बारीकी जानता है जेएन सिंह

सूत्रों का कहना था कि जेएन सिंह भी कानून को बारीकी से जानता है इस वजह से वह कोर्ट में छुट्टी के दिन हाजिर होने की फिराक में था ताकि अधिवक्ताओं के गुस्से से बच सके।

मनीष गुप्ता की पत्नी को मिला नियुक्ति पत्र
रविवार को केडीए की टीम ने मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी को नियुक्ति पत्र सौंपा और संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। जिसके बाद वह 12 अक्टूबर को केडीए में ओएसडी का कार्यभार ग्रहण करेंगी। बता दें, केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा को निर्देश दिया था कि शासन की मंशा के अनुरूप मीनाक्षी के घर जाकर ससम्मान नियुक्ति पत्र सौंपा जाए।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

No stories found.