नीति आयोग की डेल्टा रैकिंग में उत्तर प्रदेश के 7 जिलों को मिली टॉप 10 में जगह

डेल्टा रैंकिंग राज्य सरकार और संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा कम विकसित जिलों के विकास और सुधार के लिए किए गए प्रयासों को दर्शाती है।
नीति आयोग की डेल्टा रैकिंग में उत्तर प्रदेश के 7 जिलों को मिली टॉप 10 में जगह

नीति आयोग द्वारा अगस्त 2021 के महीने के लिए जारी डेल्टा रैंकिंग की टॉप 10 में उत्तर प्रदेश के 7 जिलों को जगह मिली है।

देश भर के 112 जिलों को नीति आयोग के आकांक्षी जिलों के परिवर्तन कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जिसका मूल्यांकन 5 व्यापक सामाजिक-आर्थिक विषयों - स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास और बुनियादी ढांचा के तहत 49 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) में की गई वृद्धि के आधार पर किया गया है।

सिद्धार्थ नगर, बहराइच, सोनभद्र, श्रावस्ती, फतेहपुर, चित्रकूट और चंदौली जिलों को शीर्ष -10 जिलों में रखा गया है।

रैंकिंग को नीति आयोग ने अपने रीयल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के माध्यम से जारी किया था।

डेल्टा रैंकिंग राज्य सरकार और संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा कम विकसित जिलों के विकास और सुधार के लिए किए गए प्रयासों को दर्शाती है।

नीति आयोग के तय मानकों पर काम करते हुए फतेहपुर ने पूरे देश में विकास के क्षेत्र में दूसरा, सिद्धार्थ नगर ने तीसरा, सोनभद्र ने चौथा, चित्रकूट ने पांचवां, बहराइच ने सातवां, श्रावस्ती ने आठवां, नौवें स्थान पर चंदौली शामिल है।

उत्तर प्रदेश के आकांक्षी जिलों में, चित्रकूट और बहराइच ने नीति आयोग के मानकों पर शानदार काम किया है।

नतीजतन, नीति आयोग ने इन जिलों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी, 2018 में अपने नागरिकों के जीवन स्तर को बढ़ाने और सभी के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयास के तहत सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के तहत आकांक्षात्मक जिला कार्यक्रम शुरू किया था। कार्यक्रम का उद्देश्य पिछड़े जिलों का विकास करना है।

बता दें कि आकांक्षी जिलों की रैंकिंग हर महीने की जाती है।

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