बोकोरो से लखनऊ पहुंची ऑक्सीजन एक्सप्रेस, अस्पताल में भर्ती लोगों को मिलेंगी सांसें
Photos by Dheeraj Dhawan

बोकोरो से लखनऊ पहुंची ऑक्सीजन एक्सप्रेस, अस्पताल में भर्ती लोगों को मिलेंगी सांसें

कोरोना संक्रमण झेल रही सांसों को बचाने के लिए दूसरी ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेन झारखंड के बोकारो से ऑक्सीजन टैंकर लेकर लखनऊ पहुंच गई है। दो टैंकर लखनऊ में उतारे गए।

कोरोना संक्रमण झेल रही सांसों को बचाने के लिए दूसरी ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेन झारखंड के बोकारो से ऑक्सीजन टैंकर लेकर लखनऊ पहुंच गई है। दो टैंकर लखनऊ में उतारे गए। टैंकर आने पर अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के अलावा रेलवे, जिला प्रशासन और पुलिस के अफसर चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि यह दोनों ट्रैकर आक्सीजन लेकर दो दिन के अंदर बोकारो से लखनऊ आ गए हैं। आज तीन टैंकर बोकारो के लिए और भेजे गये हैं।

अब लखनऊ के साथ ही पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। बोकारो गैस प्लांट से आक्सीजन लाने की प्रक्रिया चलती रहेगी। लखनऊ में चार से पांच गुना आक्सीजन की डिमांड बढ़ गई है।

जिलाधिकारी रोशन जैकब और स्वास्थ्य विभाग तय करेंगे कि किन किन अस्पतालों और प्लांट में आक्सीजन की कितनी आवश्यकता है। आज ही सभी अस्पतालों के खाका तैयार करके उन्हें आक्सीजन कि सप्लाई दे दी जाएगी।

दरअसल राजधानी में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। अस्पतालों में ऑक्सीजन का टोटा पैदा हो गया है, जिससे निजात दिलाने के लिए गुरुवार सुबह आठ बजे लखनऊ से ऑक्सीजन एक्सप्रेस रवाना हुई थी, जो 18 घंटे बाद रात दो बजे बोकारो पहुंची थी।

बोकारो आद्रा रेलवे मंडल प्रशासन के अंतर्गत आता है, जहां पहले से ही तैयारी की गई थी। रात में ही टैंकरों को अनलोड कर उन्हें स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के प्लांट में भेजा गया। जिसके बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे तक टैंकर ट्रेन पर लोड हो गए और दो बजे ट्रेन रवाना कर दी गई।

बोकारो के एडीआरएम ने बताया, "ऑक्सीजन एक्सप्रेस की ऊंचाई 4.5 मीटर है, इसलिए ओएचई को ध्यान में रखते हुए टैंकर रखे गए और ऑक्सीजन एक्सप्रेस को 60 किमी प्रतिं घंटे की गति से लखनऊ रवाना किया गया। साथ मे एक दर्जन से अधिक रेलकर्मियों को भी अगले स्टेशन तक साथ भेजा गया है। इसके बाद हर 300 किमी पर क्रू लॉबी में लोको पायलटों को बदला जाएगा।"

लखनऊ से रवाना हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस के साथ एक जीआरपी उपनिरीक्षक और दो कांस्टेबल का एस्कॉर्ट भी भेजा गया है। ताकि ऑक्सीजन को सुरक्षित लखनऊ लाया जा सके। इसके अलावा यूपी के साथ बिहार और झारखंड जीआरपी मुख्यालय को अलर्ट किया गया है।

हर स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ थाने को अपने यहां से ऑक्सीजन एक्सप्रेस के सफलता से गुजर जाने की रिपोर्ट करना होगा। जबकि ग्रीन कॉरिडोर के लिये लखनऊ, वाराणसी, दीन दयाल उपाध्याय नगर और गया कंट्रोल रूम में कंट्रोलर बिठाए गए हैं। एसपी जीआरपी सौमित्र यादव ने बताया कि हम ऑक्सीजन एक्सप्रेस की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

गौरतलब हो कि खुद रेल मंत्री पीयूष गोयल इस ऑक्सीजन एक्सप्रेस की निगरानी कर रहे हैं, एक दिन पहले ही उन्होंने बताया था कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस दिन में दो बजे बोकारो के स्टील प्लांट से टैंकर में लोडकर लखनऊ के लिए रवाना हुई है। यह ट्रेन उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए रवाना हुई है। इस ट्रेन के जल्दी पहुंचने के लिए ग्रीन कॉरीडोर बनाया गया है। ऑक्सीजन की समुचित सप्लाई के लिए रेलवे निरंतर कार्य कर रहा है।

रेलमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रयास है कि सभी कोरोना संक्रमितों तक जल्द से जल्द ऑक्सीजन पहुंचे। बता दें गुरुवार सुबह आठ बजे लखनऊ से रवाना हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस रात दो बजे करीब 18 घंटे में बोकारो पहुंची थी। यहां आद्रा रेलवे मंडल प्रशासन पहले से मुस्तैद था। रात में ही टैंकरों की अनलोडिंग कर उनको स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के प्लांट में ले जाया गया।

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