Purvanchal Expressway: पीएम मोदी ने पहले की सरकारों पर कसा तंज, बोले- यहां सड़कों पर राह नहीं होती थी....

प्रधानमंत्री ने कहा कि कौन भूल सकता है कि पहले यूपी में पहले कितनी बिजली कटौती होती थी. कौन भूल सकता है कि यूपी में कानून व्यवस्था की क्या हालत थी. कौन भूल सकता है कि यूपी में मेडिकल सुविधाओं की क्या स्थिति थी.
Purvanchal Expressway: पीएम मोदी ने पहले की सरकारों पर कसा तंज, बोले- यहां सड़कों पर राह नहीं होती थी....

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 341 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया. मोदी ने राज्य की राजधानी लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ने वाले छह लेन एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया. इसका निर्माण 22,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया गया है. इससे पूर्व प्रधानमंत्री मोदी एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने के लिए भारतीय वायुसेना के सी-130 हरक्यूलिस विमान से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे हवाई पट्टी पर उतरे थे. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य लोगों ने हवाई पट्टी पर प्रधानमंत्री की अगवानी की.

सड़कों पर राह नहीं होती थी, राहजनी होती थी- मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि कौन भूल सकता है कि पहले यूपी में पहले कितनी बिजली कटौती होती थी. कौन भूल सकता है कि यूपी में कानून व्यवस्था की क्या हालत थी. कौन भूल सकता है कि यूपी में मेडिकल सुविधाओं की क्या स्थिति थी. यूपी में तो हालात ऐसे बना दिये थे कि यहां सड़कों पर राह नहीं होती थी, राहजनी होती थी.

दिल्ली और लखनऊ पर परिवारवादियों का ही दबदबा रहा- PM

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि एक व्यक्ति घर भी बनाता है तो पहले रास्तों की चिंता करता है, मिट्टी की जांच करता है, दूसरे पहलुओं पर विचार करता है. लेकिन यूपी में हमने लंबा दौर, ऐसी सरकारों का देखा है जिन्होंने कनेक्टिविटी की चिंता किए बिना ही औद्योगीकरण के सपने दिखाए. उन्होंने कहा कि परिणाम ये हुआ कि ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में यहां लगे अनेक कारखानों में ताले लग गए. इन परिस्थितियों में ये भी दुर्भाग्य रहा कि दिल्ली और लखनऊ, दोनों ही स्थानों पर परिवारवादियों का ही दबदबा रहा. सालों-साल तक परिवारवादियों की यही पार्टनरशिप, यूपी की आकांक्षाओं को कुचलती रही.

मोदी ने कहा कि ये भी एक सच्चाई थी कि यूपी जैसा विशाल प्रदेश, पहले एक दूसरे से काफी हद तक कटा हुआ था. अलग अलग हिस्सों में लोग जाते तो थे लेकिन एक दूसरे से कनेक्टिविटी ना होने की वजह से परेशान रहते थे. पूरब के लोगों के लिए लखनऊ पहुंचना भी महाभारत जीतने जैसा होता था. उन्होंने कहा कि पिछले मुख्यमंत्रियों के लिए विकास वहीं तक सीमित था जहां उनका घर था. लेकिन आज जितनी पश्चिम की पूछ है, उतनी ही पूर्वांचल के लिए भी प्राथमिकता है. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे आज यूपी की इस खाई को पाट रहा है, यूपी को आपस में जोड़ रहा है.

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