उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर से सारिका चौरासिया ने पहली काव्य पुस्तक 'ये तुम्हारा शहर है' प्रस्तुत की

"ये तुम्हारा शहर है" एकल संग्रह के रूप में मेरी पहली काव्य पुस्तक प्रस्तुति है, जिसमें मैंने अपने ह्रदय सागर की सीपी में बंद मन मुक्ता की शीतलता को प्रवाहित किया है।
उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर से सारिका चौरासिया ने पहली काव्य पुस्तक 'ये तुम्हारा शहर है' प्रस्तुत की

"ये तुम्हारा शहर है" एकल संग्रह के रूप में मेरी पहली काव्य पुस्तक प्रस्तुति है, जिसमें मैंने अपने ह्रदय सागर की सीपी में बंद मन मुक्ता की शीतलता को प्रवाहित किया है।

हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता।

बन्द सीपी सी,स्त्री की कथा ।।

"ये तुम्हारा शहर है" में मैंने ना केवल स्वयं के अंतर्मन में झांकने का प्रयास किया है, बल्कि आस पास घटित सभी पारिवारिक, सामाजिक, राजनैतिक और प्राकृतिक जज़्बातों को कलमबद्ध करने का भी प्रयास किया है।

एक स्त्री के रूप में अपनी सभी भूमिकाओं के जीने के क्रम में मैंने प्रतिपल कुछ ना कुछ सीखा जिसे मैंने अपनी कविताओं में पिरोया।

"द्वार बंधन के", "शून्य ये अप्रतिम" "प्रणय निवेदन" "आगाह" "उतरती सीढियां उम्र की"

"निसर्ग" "रुदन की लोरी" "प्रवासी मजदूर" "योग माया" "इंतजार अहिल्या राधा और मीरा का", आदि ऐसी बहुत सी कविताएं है जो अपने पीछे बहुत से सवाल भी छोड़ जाती हैं और जिनके जवाब स्वयं हमें ही अपने अंदर तलाशने भी हैं।

मैंने लगभग सभी रिश्तों पर भी अपनी अभिव्यक्ति दी है!

अंत में बस इतना ही कहूँगी!!

स्त्री परतदार प्याज सी

प्रत्येक परत में छिपी

उसके अपने अस्तित्व के स्वाद सी

परतें छिल गयी

मात्र एक आधार सी!

- सारिका चौरासिया

Keep up with what Is Happening!

No stories found.
Best hindi news platform for youth. हिंदी ख़बरों की सबसे तेज़ वेब्साईट
www.yoyocial.news