लखनऊ: बागवानी फसलों के प्रोत्साहन हेतु राज्य स्तरीय जागरूकता वर्कशाप कार्यक्रम का हुआ शुभारम्भ

उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री श्रीराम चौहान ने कहा कि...
लखनऊ: बागवानी फसलों के प्रोत्साहन हेतु राज्य स्तरीय जागरूकता वर्कशाप कार्यक्रम का हुआ शुभारम्भ

उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री श्रीराम चौहान ने कहा कि प्रदेश के किसानों को औद्यानिक उत्पादों एवं उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त उत्पाद सुलभ कराने के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में किसानों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। देश की अर्थव्यवस्था में किसानों का अहम योगदान होता है।


श्री चौहान आज विभूति खण्ड, गोमती नगर स्थित पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश तथा पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के संयुक्त तत्वावधान में बागवानी फसलों के प्रोत्साहन हेतु आयोजित राज्य स्तरीय जागरूकता वर्कशाप कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इस वर्कशाप का मुख्य उद्देश्य वर्तमान सरकार की किसानों की आमदनी को दोगुना करने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए गति देना है। इस अवसर पर उन्होंने वर्कशाप में आये हुए किसानों को सम्मानित भी किया।


उद्यान मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 90 प्रतिशत लघु एवं सीमान्त कृषक हैं जिनके पास छोटी-छोटी जोते हैं। कृषकों द्वारा अपने उत्पाद को दूरस्थ बाजारों में ले जाने की क्षमता न होने के फलस्वरूप औने-पौने दामों पर ग्रामीण व्यापारियों को बेचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती हुई जनसंख्या एवं घटती हुई कृषि योग्य जमीन को दृष्टिगत पर्याप्त मात्रा में फल-सब्जी के उत्पादन हेतु हाईटेक हार्टीकल्चर में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर बल दिया जा रहा है।

इसी प्रकार उच्च गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश का उपयोग के साथ संरक्षित खेती की तकनीक को अपनाने के साथ-साथ किसानों के समूहों, समितियों एवं एफ0पी0ओ0 के माध्यम से सामूहिक विपणन का प्रबन्ध किया जा रहा है। इससे औद्यानिक फसलों के गुणवत्तायुक्त उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ किसानों को उनके उत्पाद का लाभकारी मूल्य प्राप्त हो सकेगा।

इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एवं सीनियर एडवाइजर पीएचडी ऑफ चैम्बर श्री आलोक रंजन ने कहा कि उद्यमियों को किसानों से जुड़ना आवश्यक है ताकि किसान अपने उत्पाद को व्यापारियों को सुगमता से विक्रय कर उचित मूल्य प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सके। उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई भी दिया।


उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ के प्रबंध निदेशक श्री अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 970 प्राथमिक औद्यानिक उत्पादक विपणन सहकारी समितियां एवं 13 औद्यानिक जिला संघ गठित है। उन्होंने कहा कि हाफेड द्वारा औद्यानिक उत्पादों के गुणवत्तायुक्त उत्पादन विपणन/निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु विविध क्रियाकलाप, प्रशिक्षण, बॉयर्स सेलर मीट आदि कार्यक्रम को आयोजित कराया जा रहा है।


चेयरमैन उत्तर प्रदेश चैप्टर, पीएचडी चैम्बर के श्री ललित खेतान ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं। भारत एक कृषि प्रधान देश है। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में कृषि का अहम योगदान रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में किसानों का भी हिस्सा होता है।


इस वर्कशाप कार्यक्रम के अवसर पर सीनियर एडवाइजर, एडीएल के श्री मुकेश सिंह ने कहा कि किसानों के हितार्थ इस तरह के वर्कशाप का आयोजन लगातार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को पूरे प्रदेश में कराया जायेगा। उद्योगपतियों को किसानों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती के लिए अधिक से अधिक जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए कटिबद्ध है।


इस अवसर पर डॉ0 योगेश श्रीवास्तव एएसटी पीएचडी चैम्बर, श्री अतुल श्रीवास्तव रेजीडेंट डायरेक्टर यूपी चैम्बर, पीएचडी, श्री ब्रजेश सिंह प्रेसीडेंट एडीएल, श्रीमती अनुराधा गोयल हेड क्लाइंट रिलेशनशिप एडीएल, असिस्टेन्ट मैनेजर हाफेड श्री एस0के0 सुमन सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये हुए किसान सम्मिलित थे।

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